युवा महोत्सव में बोले भूपेश, नौजवानों को धर्म के स्थान पर मैं खेल के मैदान में देखना चाहता हूं

राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय युवा उत्सव का रंगारंग आगाज

रायपुर। राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय युवा उत्सव का रंगारंग आगाज हुआ है। प्रदेश की राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। राज्यपाल अनुसईया उइके ने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के विभिन्न ग्रामीण खेलों, लोक नृत्य, ललित कला और शास्त्रीय संगीत पर आधारित प्रतियोगिताओं से ग्रामीण खेल प्रतिभाएं निखर कर बाहर आएंगी और प्रदेश की स्थानीय कला संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्योत्सव, आदिवासी नृत्य महोत्सव और इस युवा महोत्सव के माध्यम से खेल एवं संस्कृति को जीवित रखने का सराहनीय प्रयास किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि नौजवानों को धर्म के स्थान पर मैं खेल के मैदान में देखना चाहता हूं। हमारे युवा फौलादी और मजबूत हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा विवेकानंद जी के विचारों और आदर्शो को आत्मसात करें । युवा खेल और पढ़ाई में मन लगाएंगे तो वह दुर्गुणों से दूर रहेंगे। मुख्यमंत्री ने नौजवानों को खेलबो-जीतबो-गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नया नारा दिया।

इधर महोत्सव के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अतिथियों के साथ मंच के नीचे उतरे और वहां गेड़ी नृत्य कर रहे कलाकारों के पास पहुंचे। उन्होंने कलाकारों से गेंड़ी ली और स्वयं भी गेंड़ी पर चढ़े। मुख्यमंत्री के साथ विधायक मोहन मरकाम भी गेंंड़ी पर चढ़े। इस अवसर पर युवा कल्याण एवं खेल मंत्री उमेश पटेल भी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राज्य शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 12 जनवरी से तीन दिवसीय राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन किया है। इस युवा महोत्सव में प्रदेशभर के 6,521 प्रतिभागी 821 विविध कार्यक्रम की प्रस्तुति देंगे। छत्तीसगढ़ी ग्रामीण पृष्ठभूमि से संबंधित खेल फुगड़ी, भौंरा, गेंड़ी दौड़ एवं चाल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी लोक गीत और लोक नृत्य करमा, राउत नाचा, पंथी, सरहुल, सुवा, डंडा, बस्तरिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में दिखाई देगी। साथ ही छत्तीसगढ़ी संस्कृति से संबंधित चित्रकला, छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा और व्यंजनों का फूड फेस्टिवल का आयोजन महोत्सव में किया जा रहा है।

आज ये कार्यक्रम
राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के पहले दिन (12 जनवरी) को खेल संचालनालय परिसर के मुख्य मंच में लोकनृत्य करमा नाचा, द्वितीय मंच में लोक नृत्य तथा ओपन मंच में राउत नाचा की प्रस्तुति हुई। खेल संचालनालय के ऊपर के हॉल में निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता भी कराई गई। साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम के तीनों कक्ष में लोकगीत, शास्त्रीय हिन्दुस्तानी और कर्नाटक संगीत, गिटार और सितार वादन की प्रतियोगिताएं हुई। वहीं पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रेक्षागृह में एकांकी नाटक और विज्ञान महाविद्यालय ऑडिटोरियम में तबला वादन की प्रतियोगिता हुई। विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता परिसर के खुले मैदान में दोहपर एक बजे से महिला एवं पुरूष खेल खो-खो, कबड्डी का आयोजन किया गया।