छत्तीसगढ़ : कई इलाकों में सूर्यग्रहण पर मौसम का ग्रहण

प्रदेश के लाखों लोग नहीं देख पाए सूर्य ग्रहण

 

साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को सुबह 8 बजकर 17 मिनट से शुरू हो गया था और 11 बजकर 19 मिनट पर खत्म हो गया। प्रदेश के कई इलाकों में बदली के कारण लोग सूर्यग्रहण का नजारा नहीं देख सके। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों के लोग भी वंचित रहे। हालाकि कुछ पल के लिए बदली छंटते ही लोगों ने दर्शन किए और कैमरे में कैद किया।

रायपुर। प्रदेश के सरगुजा- कोरिया जिले में आसमान में बादलों का डेरा होने के कारण कभी कभी नज़र आता रहा, वही ऐसा ही हाल जशपुर का था तो अम्बिकापुर और सूरजपुर में ग्रहण काल में कुछ ही स्थानों पर सूर्य नज़र आ पाया है।

जानकारों का कहना था कि ये वलयाकार सूर्य ग्रहण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य को ग्रहण लगना अशुभ माना जाता है और ग्रहण से पहले शुरू होने वाला सूतक भी उतना ही अशुभ माना गया है। यहां तक कि कई मंदिरों को कपाट भी सूतक काल में बंद कर दिये जाते हैं। चंद्र ग्रहण में सूतक काल 9 घंटे पहले तो सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
26 दिसंबर को लगने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक 25 दिसंबर की रात ही 8 बजे के बाद शुरू हो गया था। जिसकी समाप्ति ग्रहण के साथ ही होगी। यहां सूतक काल का ये समय देश की राजधानी दिल्ली के अनुसार दिया गया है। लेकिन विभिन्न शहरों में ग्रहण लगने के समय अनुसार ही सूतक का समय भी होगा।

पिथौरा में आज सुबह 8 बजे से सूर्य ग्रहण का अलौकिक नजारा क्षेत्र में दिखाई दिया।सुबह से नगर में बादल छाए हुए थे।हल्की बूंदाबांदी के बाद भी बादलों का आना जाना जारी था ।इस बीच ग्रहण की दुर्लभ तस्वीरे कैमरे में कैद की गई।स्थानीय खेल मैदान में भी सूर्य ग्रहण के बारे में वैज्ञानिकों की राय एवम टेलिस्कोप से सूर्यग्रहण देखने की व्यवस्था की गई थी परन्तु आसमान पर छाए बादलों ने व्यवधान उत्पन्न किया।

कोरबा में सुबह से बादल के साथ बारिश के कारण सूर्य ग्रहण देख पाना संभव नहीं हो पाया । कई संगठनों ने सूर्यग्रहण दिखाने के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी। जो धरी रह गई। यहां सुबह से ही रुक रुक कर बारिश हो रही है। कुछ देर के लिए कोहरा भी छाया रहा जिसके कारण सूर्य ग्रहण को देख पाना संभव नहीं हो पा रहा है।

 

राजनांदगांव में आज सुबह से बदली छाई रही और फिर रिमझिम बारिश शुरू हो गई। खराब मौसम के चलते गुरुवार को इस साल के आखिरी सूर्यग्रहण पर मानो मौसम का ही ग्रहण लग गया। लोग इस खगोलीय घटना को नहीं देख पाए। आज हुई बारिश के बाद आसमान में छाए काले बादलों के कारण सूर्यग्रहण लोगों की आंखों से ओझल रहा। सूर्यग्रहण के कारण मंदिरों के पट बुधवार देर शाम से बंद कर दिए गए थे। आज सुबह 07.59 में सूर्यग्रहण की शुरूआत हुई। सूर्यग्रहण करीब 4 घंटे के बाद 11.15 बजे समाप्त हुआ। बताया जा रहा है कि बदलते ग्रह नक्षत्रों के बीच आज हुए सूर्यग्रहण का राजनीतिक और व्यापारिक क्षेत्र में व्यापक असर रहेगा।

ज्योतिषों के अलग-अलग दावे
ज्योतिषियों ने सूर्यग्रहण को लेकर अलग-अलग दावे किए हैं। ग्रहण से प्राकृतिक और आकस्मिक घटनाक्रम भी होगी। इस सूर्यग्रहण का कुछ राशियों पर भी व्यापक असर रहेगा। इधर मंदिरों में आज सुबह सूर्यग्रहण के चलते पूजा-अर्चना नहीं हुए। वहीं मंदिर परिसर के इर्द-गिर्द भी सन्नाटा पसरा रहा। शहर के मंदिरों के दरवाजे को कल ही बंद कर दिया गया था। आज सूर्यग्रहण समाप्त होने के बाद वैदिक मंत्रोच्चा के बाद मंदिरों के दरवाजे खोल दिए गए। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के बाद भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।