नानी-पोती, ननद-भाभी एवं देवरानी-जेठानी ने दिलायी ऑनलाइन परीक्षा

मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम की परीक्षाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम ‘गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़’ अंतर्गत प्रदेश के ई-साक्षरता केन्द्रों में ऑनलाईन बाह्य मूल्यांकन 28, 30 एवं 31 दिसम्बर 2019 को आयोजित किया गया। रायपुर जिले के टिकरापारा ई-साक्षरता केन्द्र में कराटे की राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रतिक्षा साखरे ने अपने पिता गणेश साखरे, माता नीता साखरे नेे 30 दिवसीय पाठ्यक्रम पूर्ण करने के पश्चात् बाह्य मूल्यांकन में भाग लेकर सफलता प्राप्त की।
इसी प्रकार महासमुंद जिले में रूपा चंद्राकर एवं उनके बेटे योगेश चंद्राकर ने एक साथ परीक्षा दिलाई और दोनो ने परीक्षा में सफलता हासिल की। राजनांदगांव जिले में रमा हरिहारनो उम्र 60 वर्ष ने अपनी पोती कुमारी महक हरिहारनो के साथ केन्द्र में प्रशिक्षण प्राप्त किया एवं एक साथ ऑनलाईन मूल्यांकन में सम्मिलित होकर यह साबित किया कि सीखने की कोई उम्र नहीं है। इसी केन्द्र की शिक्षार्थी गुलेश्वरी साहू अपने पति गंगा साहू, बबीता साहू ने अपने पति जयप्रकाश साहू एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी रशीन खान कुरैशी ने केन्द्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर परीक्षा दिलाई।

उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी के कुशल मार्गदर्शन और राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण (स्रुरू्र) के संचालक एवं सदस्य सचिव श्री एस. प्रकाश के निर्देशन में देश में पहली बार शहरी क्षेत्र के डिजिटल असाक्षरों के लिए गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत 36 गढ़ में 36 केन्द्र प्रारंभ किया गया है। संचालक श्री एस. प्रकाश ने बताया कि मार्च 2020 तक लगभग 5 हजार शिक्षार्थियों को डिजिटल साक्षर बनाए जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम ‘‘गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़‘‘ अन्तर्गत छत्तीसगढ़ के सरगुजा एवं बिलासपुर संभाग के जिलों में 28 दिसम्बर, रायपुर, दुर्ग संभाग के जिलों में 30 दिसम्बर तथा बस्तर संभाग के जिलों में 31 दिसम्बर 2019 को छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (ष्टद्धद्बश्चह्य) द्वारा आयोजित ऑनलाइन बाहय मूल्यांकन में लगभग 13 सौ 50 शिक्षार्थी सफल हुए।

राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार पाण्डेय ने बताया कि नवाचारी कार्यक्रम गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़ में 15 से 60 आयु समूह के डिजिटल असाक्षरों को प्रशिक्षित ई-एजुकेटर द्वारा एक माह में डिजिटल उपकरणों के उपयोग करना सिखाया जाता है। डिजिटल साक्षरता के अंतर्गत कम्प्यूटर, मोबाइल सहित डिजिटल डिवाइस को चलाना, कम्प्यूटर के पुर्जे का उपयोग, मोबाइल फोन का उपयोग, टेबलेट की जानकारी एवं उपयोग, इंटरनेट का उपयोग, सर्च इंजन का उपयोग ई-मेल का परिचय, सोशल मीडिया, फेसबुक, ट्वीटर, व्हाटसअप का उपयोग करना बताया गया है। इसके साथ ही विभिन्न सेवाओं का ऑनलाइन भुगतान, ऑनलाइन बुकिंग, रेल, बस टिकिट बुक करना, मोबाइल रिचार्ज, टीवी रिचार्ज, बिजली बिल आदि का भुगतान और विभिन्न सेवाओं के लिए ऑनलाइन फार्म भरना सिखाया जाता है। उन्होंने बताया कि विषय विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों में पॉवर पाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। डिजिटल साक्षरता के अलावा व्यक्तित्व विकास, चुनावी साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, विधिक साक्षरता, श्रेष्ठ पालकत्व, आत्मरक्षा, कौशल विकास, नागरिक कर्त्तव्य, जीवन मूल्य आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। डिजिटल साक्षरता के कोर्स के पश्चात् जिले द्वारा आंतरिक मूल्यांकन किया जाता है।