गाड़ी से बच्चे गए स्कूल तो पापा-मम्मी के नाम कटेगा चालान…

DEO जी.आर. चंद्राकर ने जारी किया आदेश

रायपुर। अगर आपका बच्चा भी बाइक या फिर मोपेड लेकर स्कूल जा रहा है, तो ऐसा करने से उसे रोक ले, नहीं तो स्कूल में उसे भीतर जाने से रोक दिया जाएगा। ये आदेश रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. चंद्राकर ने जारी किए है। जिसमें ज्यादातर स्कूलों में बाइक और मोपेड से स्कूल तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों को स्कूल के भीतर प्रवेश देने पर रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं बल्कि उस बच्चे की सजा पैरेंट्स को भुगतनी होगी। यातायात विभाग पैरेंट्स के नाम पर चलानी कार्यवाही का मन बना चुका है।

जिला शिक्षा अधिकारी का मानना है कि शहर में लगातार सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही है, जो एक चिंता का विषय है। वही इन दुर्घटनाओं में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मृत्यु दर में सर्वाधिक नाबालिग होते है। लिहाजा इन चीजों को देखकर ही स्कूली छात्रों को बाइक से स्कूल पहुंचने के लिए मनाही की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. चंद्राकर के आदेश के मुताबिक “स्कूली छात्रों को दुपहिया वाहन चलाते पाए जाने पर उनके पालकों के खिलाफ चलानी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में स्कूल प्रबंधन और यातायात विभाग दोनों शामिल होंगे। दुपहिया वाहन चलाए जाने पर कार्रवाई करने का अधिकार यातायात विभाग को होगा।

हालांकि बच्चो को गाडी चलाने की छूट देने वाले पालकों की पहले काउंसलिंग की जाएगी उन्हें बच्चे के साथ समझाइश दी जाएगी की वे ऐसा न करे। जिसके बाद यदि दोबारा छात्र बाईक या मोपेड से पहुँचता है, तो उसके पालकों के नाम पर चालान काटा जाएगा। वही स्कूल स्कूलों को भी इस बात के लिए निर्देशित किया गया है कि जो कोई भी छात्र वाहन लेकर स्कूल आते है, उन्हें गेट पर ही रोक दिया जाए और स्कूल में प्रवेश ना दिया जाए।”

इधर जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. चंद्राकर ने शहर के यातायात विभाग के अधिकारियों से भी पत्राचार कर इस मामले में कार्रवाई करने की बात कही है। जिस पर यातायात विभाग की ओर से भी सहमति जताकर नाबालिगों के पालक ओं के नाम चालान काटने की तैयारी की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी और यातायात विभाग के अधिकारी ने सभी पालकों से यह अपील भी की है कि बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए किसी भी नाबालिक को किसी भी तरह का वाहन ना सौपे। स्कूल ही नहीं कहीं भी आने-जाने के लिए उन्हें मोपेड या बाइक ना दे।