राहुल गांधी ने किया आदिवासी नृत्य महोत्सव का आगाज़, बोले-जहाँ आदिवासियों की बात वहां मैं…

नृत्य महोत्सव के मंच से देश की अर्थव्यवस्था और CAA, NRC पर भी साधा निशाना

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने राहुल गांधी राजधानी रायपुर पहुंचे। जहा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की उनकी अगवानी की। राहुल गांधी इस दौरान मंच से अपने उद्बोधन में कहा कि जब बात आदिवासियों की होती है तो मैं तैयार रहता हूँ। राहुल ने कहा कि “भूपेश बघेल जी ने कुछ दिन पहले आकर मुझसे कहा था कि आदिवासियों के नृत्य के कार्यक्रम रायपुर में होने है। आपको बतौर अतिथि आना है, मैंने तुरंत हां कर दिया था। सवाल पूछने की भी जरूरत नहीं थी, क्योंकि जहां आदिवासियों की बात होती है तो वहां मैं तुरंत आ जाता हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि “हमें लगता है कि सिर्फ नृत्य के आयोजन में ही आपको शामिल नहीं किया जाना चाहिये, बल्कि आपके विचारों को भी शामिल किया जाना चाहिये। गांधी ने कहा कि मुझे खुशी है कि आदिवासियों की बातों को छत्तीसगढ़ सरकार सुन रही है। छत्तीसगढ़ सरकार तेंदुपत्ता के समर्थम मूल्य, केस वापसी, जमीन लौटाने की बात में आदिवासियों की बात सुनी, ये सरकार ऐसी सरकार है जिसमें आपकी मेरी और हम सब की आवाज सुनाई पड़ रही है।

अर्थव्यवस्था पर साधा निशाना
नृत्य महोत्सव के मंच से राहुल गांधी ने जमकर सियासी तीर भी चलाए है। राहुल ने देश के बाकी राज्यों की अर्थव्यवस्था को छत्तीसगढ़ सरकार से तौलते हुए उन्होंने निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि देश में क्या हो रहा है, बाकि प्रदेशों में क्या हो रहा है, वो सब आपको पता है। किसानों की आत्महत्या, कमजोर अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी सब की स्थिति सबके सामने है। उन्होंने आदिवासियों को साथ लेकर देश को आगे बढ़ाने की बात कहते हुए कहा कि मैं आज भी कहता हूं कि आदिवासियों, पिछड़े गरीबों को साथ लिये बिना अर्थव्यवस्था नहीं सुधारी जा सकती। जब तक लोगों को जोड़ने की कोशिश नहीं होगी, जब तक उनकी आवाज विधानसभा, लोकसभा में नहीं सुनाई देगी, तब तक अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी की समस्या नहीं सुधर सकती।

मोदी सरकार के फैसलों पर तंज़
राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार के कई फैसलों पर तंज़ कसा है। केंद्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि अगर आप जनता की आवाज नहीं सुनोगे, तो गलत जीएसटी, नोटबंदी लागू करोगे, इससे अर्थव्यवस्था बेहतर नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था दूसरे प्रदेशों से बेहतर है। इसका प्रभाव दिखता है। यहाँ की अर्थव्यवस्था बाकी प्रदेशों से मजबूत है। CAA और NRC पर उन्होंने कहा कि यहां हिंसा कम हुई है, आखिर भाई को भाई से लड़ाकर देश का फायदा नहीं हो सकता है।

संबंधित पोस्ट

महाराष्ट्र में कांग्रेस के भीतर का असंतोष बाहर आया

तीन दिवसीय ‘राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव’ का हुआ रंगारंग समापन

11 वें मुख्यमंत्री की ली हेमंत सोरेन ने शपथ

झारखंडः किसके कितने होंगे मंत्री, कयास जारी

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन झांझी, गरद और डमकच की धूम

देश से झूठ बोल रहे हैं आरएसएस के प्रधानमंत्री : राहुल गांधी

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव : शुभारंभ में लद्दाख, सिक्किम के कलाकारों की प्रस्तुति

राहुल ने भेजे ग्रीटिंग कार्ड, न्यू ईयर और क्रिसमस की दी बधाई

मेरठ के बाहर से ही लौटाए गए राहुल-प्रियंका

लद्दाख का दल विवाह नृत्य और निकोबारी दल पूर्वजों के सम्मान वाला नृत्य करेंगे प्रस्तुत

मोदी, शाह ने युवाओं का भविष्य बर्बाद किया : राहुल

आदिवासी नृत्य महोत्सव : तैयारियों का जायज़ा लेने पहुंचे संस्कृति सचिव