गुड गवर्नेंस वाला तीसरा राज्य छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश भी पिछड़े…

गुड गवर्नेंस रैंकिंग में तमिलनाडु पहले और केरल ने दूसरे स्थान पर बनाई जगह

रायपुर। देशभर में एक बार फिर छत्तीसगढ़ ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। छत्तीसगढ़ ने इस बार महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, उड़ीसा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को पछाड़ते हुए गुड गवर्नेंस रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया है। इस रैंकिंग में पहले नंबर पर तमिलनाडु और दूसरे नंबर पर केरल ने अपनी जगह बनाई है। देशभर के विभिन्न राज्यों में गुड गवर्नेंस के लिए हुई इस रैंकिंग में प्रदेश को मिले तीसरे स्थान से प्रशासनिक कसावट और सुनियोजित सरकार की कार्यशैली को कई इंडैक्स में आँका गया है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार 10 क्षेत्रों में गुड गवर्नेंस इंडेक्स रैंकिंग स्टेट्स और यूटी जारी करता है। केंद्र द्वारा शुरू किए गए गुड गवर्नेंस इंडेक्स में तमिलनाडु सबसे ऊपर है। छत्तीसगढ़ ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, और आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे किया है। बड़े राज्यों में ओडिशा, बिहार, गोवा और उत्तर प्रदेश खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं और झारखंड अंतिम स्थान पर है।

तीन समूह में बांटा
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तीन समूहों में बांटा गया था, बड़े राज्य, उत्तर-पूर्व और पहाड़ी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश। उत्तर-पूर्व और पहाड़ी राज्यों में, हिमाचल प्रदेश पहले स्थान पर था, उसके बाद उत्तराखंड, त्रिपुरा, मिजोरम और सिक्किम थे। इस समूह में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड हैं, इनमें अरुणाचल प्रदेश अंतिम स्थान पर है। पुडुचेरी, चंडीगढ़ और दिल्ली के बाद सबसे अच्छा शासित केंद्र शासित प्रदेश है। लक्ष्यदीप सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला केंद्र शासित राज्य है।

रैंकिंग प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग और सुशासन केंद्र द्वारा लॉन्च की गई थी। सूचकांक के शुभारंभ में बोलते हुए, प्रधान मंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सूचकांक को वैज्ञानिक रूप से शासन के विभिन्न मापदंडों के आधार पर डिज़ाइन किया गया था। बयान में उन्होंने कहा कि सूचकांक राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उठाए गए विभिन्न हस्तक्षेपों के शासन की स्थिति और प्रभाव का आकलन करने के लिए एक समान उपकरण है। राज्यों का प्रदर्शन 10 क्षेत्रों कृषि और संबद्ध क्षेत्रों, वाणिज्य और उद्योगों, मानव संसाधन विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सार्वजनिक अवसंरचना और उपयोगिताओं, आर्थिक शासन, सामाजिक कल्याण और विकास, न्यायिक और सार्वजनिक सुरक्षा, पर्यावरण और नागरिक में केंद्रित किया जाता है।

कृषि और संबद्ध रैंकिंग में, मध्य प्रदेश, मिजोरम और दमन और दीव अपने समूहों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं। इस रेटिंग ने कृषि और संबद्ध क्षेत्र, खाद्यान्न उत्पादन, बागवानी उत्पादन, दूध और मांस उत्पादन, और फसल बीमा की विकास दर को ध्यान में रखा।

संबंधित पोस्ट

राजस्थान : एक बार फिर संकटमोचक बनकर उभरे अहमद पटेल

राजस्थान के जोेधपुर में एक शरणार्थी पाकिस्तानी परिवार के 11 मृत मिले

मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना से मरे मरीज की जेब कटी, मोबाइल चोरी

दिल्ली-एनसीआर : डेढ़ महीने में 11वीं बार लगे भूकंप के झटके, बड़े खतरे का संकेत

राजस्थान : चुरू में तापमान 49.6 डिग्री, 29 मई से हीटवेब से राहत की उम्मीद

मप्र : सिंधिया के प्रभाव वाले जिलों की कांग्रेस कार्यकारिणी भंग

मप्र : एमसीयू के कुलपति का प्रभार संजय द्विवेदी को

पहले मांगी अनुमति फिर निकल पड़े पैदल…महाराष्ट्र से बस्तर जाने 17 मज़दूर

मप्र : ऑक्सीजन थेरेपी से कोरोना मरीजों का सफल उपचार संभव- डॉ. नरोत्तम मिश्रा

LockDown Impact : भोपाल में बंदी के नियमों को तोड़ने पर 2969 मामले दर्ज

शिवराज मंत्रिमंडल का गठन, राजभवन में 5 मंत्रियों ने ली शपथ

अति विश्वास और अति-आत्मविश्वास के बीच कोरोना ने इंदौर में पैर पसारे