विशेष सत्र : अभिभाषण से विपक्ष का वॉकआउट, बोले- ग़लत परंपरा की शुरुवात

महज़ दो मिनट में निबटा राज्यपाल का अभिभाषण

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत होने से पहले ही विपक्ष ने सत्र से खुद को अलग कर लिया है। इधर हंगामे और विवाद के बीच साल का पहला सत्र होने की वजह से राज्यपाल का अभिभाषण तो हुआ मगर महज 2 मिनट में ही उनका अभिभाषण भी समाप्त हो गया।

भारतीय जनता पार्टी और जोगी कांग्रेस ने राज्यपाल के अभिभाषण से पहले ही विधानसभा सत्र से खुद को अलग रखने का ऐलान कर दिया था। अभिभाषण के दौरान वे सदन से बाहर रहे। जिसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों की उपस्तिथि में राज्यपाल अनुसुईया उइके ने अपना अभिभाषण दिया। अभिभाषण के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 1:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

इधर विपक्ष की ओर से बृजमोहन अग्रवाल ने यह आरोप लगाया है कि विशेष सत्र को सिर्फ 1 दिन का बुलाकर सत्ता पक्ष ने नियम की खिलाफत की है। उन्होंने कहा कि 1 दिन के विशेष सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण कराने और उसके चर्चा के लिए नियम मुताबिक वक्त नहीं मिलेगा, जिसकी वजह से विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण से वाकआउट किया। वहीं उन्होंने इस चर्चा में भाग लेने का फैसला भी किया है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सदन में यह एक गलत परंपरा की शुरुआत है, और वह इस परंपरा का हिस्सा नहीं बनना चाहते। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ना तो अभिभाषण में और ना ही इसकी चर्चा में भाग लेगी। इधर जोगी कांग्रेस ने भी भाजपा के सुर में सुर मिलाते हुए राज्यपाल के अभिभाषण से वाकआउट किया है। अजीत जोगी ने कहा कि यह एक गलत परंपरा की शुरुआत है, देश में अब तक कभी भी ऐसा नहीं हुआ, इसलिए मैने इस अभिभाषण से अपने सभी साथियों के साथ बहिष्कार करने का फैसला लिया।