युवकों को उठा ले जाने से भड़के ग्रामीण, बार वन अफसर का दफ्तर घेरा

प्रदर्शनकारियों के सामने ही चारों युवकों को किया रिहा

पिथौरा। बलौदाबाजार – महासमुंद जिले की सीमा से सटे बारनवापारा अभ्यारण्य अधीक्षक द्वारा बार के चार युवकों को बंधक बनाकर रखने पर ग्रामीण आक्रोशित होकर अधीक्षक कार्यालय का घेराव करने पहुंच गए। अनजान बन रहे अफसरों ने ग्रामीणों का आक्रोश देख कर उन्हें तत्काल रिहा किया।ज्ञात हो कि नए अभ्यारण्य अधीक्षक प्रभार लेते ही चर्चा में हैं। उक्त घटना के सम्बंध में डीएफओ बलौदा बाजार से चर्चा का प्रयास किया गया परन्तु संपर्क नहीं हो सका।
मिली जानकारी के अनुसार विगत 7 दिसम्बर को एक विभागीय कर्मी की मिलीभगत से बार अभ्यारण्य के भीतर चीतलों का खुलेआम शिकार करते देवपुर वन परिक्षेत्र के कर्मियों ने आरोपियों को पकड़ कर बार अभ्यारण्य के अफसरों को सौंपा था। अपनी नाकामी से परेशान अभ्यारण्य के अफसर इसका ठीकरा बार के ग्रामीणों पर फोड़ रहे थे। इसी दौरान अधीक्षक द्वारा बार के चार युवकों वीरेंद्र ठाकुर,ईश्वर चौहान,अश्विनी यादव एवम छोटूराम दीवान को उनके घरों से बुधवार की दोपहर उठा लाये।

बताया गया कि सभी युवकों को अधीक्षक कार्यालय में बंद कर उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा था। इसकी खबर लगने पर चारों युवकों के परिजन पहले अभ्यारण्य अधीक्षक आर एस मिश्रा से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे।परन्तु कल (गुरुवार) सुबह अधीक्षक ने परिजनों से मिलने से ही इनकार कर दिया।
इसके बाद दोपहर परिजन ग्रामीण बार मुख्यालय में एकत्र हुए और अधीक्षक दफ्तर पहुंचे कि वे जवाब पा सकें कि बगैर परिजनों को बताए बिना किसी आरोप के उन्हें क्यों घर से उठा लिया गया।

परन्तु यहां अधीक्षक ने युवकों को रात में ही छोड़ने की झूठी जानकारी परिजनों को दी। अधीक्षक के इस झूठ से परिजन भड़क गए। इस के बाद ग्राम प्रमुख संपर्क ठाकुर रामचरण यादव वेदराम बारिहा मंतूराम जगत के नेतृत्व में ग्राम बार, डेबी, मुड़पार, हरदी के सैक़डों ग्रामीण जिनमें महिलाएं भी थीं ने वन कार्यालय बार का घेराव कर जमकर नारे लगाए और उक्त कार्यवाही का विरोध करने लगे। इधर वन विभाग ने हालात बिगड़ते देख तत्काल बया एवम देवरी थाना से भारी संख्या में पुलिस बल भी बुला लिया गया। पर ग्रामीणों के आक्रोश के सामने वन अफसर ने सभी बंधक युवकों को छोड़ दिया।

घटना के सम्बंध में जानकारी लेने अधीक्षक आर एस मिश्रा एवम बलौदा बाजार डी एफओ से मोबाइल पर सम्पर्क का प्रयास किया गया परन्तु उनसे संपर्क नहीं होने से उनका पक्ष नहीं लिया जा सका। ज्ञात हो कि बार क्षेत्र में अफसरों की लापरवाही से लगातार शिकार की घटनाओं से बार चर्चा में है।यहां एक साथ तीन चीतलों का शिकार होने के बाद उसे आसानी से हलाल कर ले जाने की तैयारी करते शिकारियों को देवपुर के वन अमले ने पकड़ कर बार वन विभाग के सुपुर्द किया था।