जमानत के बाद अब डॉ आलोक शुक्ला की तैनाती पर मंथन

डॉ आलोक शुक्ला की सीनियारीटी के दांव पेंच में फसी सरकार

रायपुर। प्रदेश में बहुचर्चित नान घोटाले में हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के बाद अब सुबे के सीनियर आईएएस अफसर डॉ आलोक शुक्ला की पोस्टिंग की चर्चा हो रही है। सरकार भी उन्हें जल्द ही तैनाती देने का मन बना रही है। अब तक शुक्ला बगैर किसी जिम्मेदारी के थे। लंबी लड़ाई के बाद अब जा कर उन्हें अग्रिम जमानत मिली है। इधर उनकी ज़मानत के साथ ही सरकार ने उन्हें तैनात करने के लिए जोड़-तोड़ भी शुरू कर दी है। मंत्रालयीन सूत्रों की माने तो 1986 बैच के प्रदेश के सीनियर अफसर डॉक्टर आलोक शुक्ला को माध्यमिक शिक्षा मंडल के अलावा किसी बड़े बोर्ड या आयोग में सरकार तैनात कर सकती है। शुक्ला प्रदेश के बेहतर रिजल्ट देने वाले अफसरों में शुमार रहे है, लिहाजा सरकार उनका बेहतर इस्तेमाल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। हालाँकि इस प्रयास में शुक्ला की सीनियारिटी ही रोड़ा बन सकती है।

                 मिली जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से शुक्ला को माध्यमिक शिक्षा मंडल में ही तैनाती देने का मन भूपेश सरकार बना रही है। क्योंकि शुक्ला 86 बैच के आईएएस ऑफिसर है, और उनके बैचमेट सुनील कुजुर वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव है। इतना ही नहीं शुक्ला से जूनियर अफ़सर सीके खेतान, आरपी मंडल, भी एसीएस बन चुके है। बीवीआर सुब्रमण्यम तो जम्मू कश्मीर जैसे राज्य में सीएस भी बन गए, लेकिन नान घोटाले में नाम आने की वज़ह से शुक्ला की अब तक प्रिंसिपल सेक्रेट्री ही है। लिहाज़ा सरकार उनकी सीनियारिटी के मुताबिक ही उन्हें तैनात करेगी। इधर डॉ आलोक शुक्ला 31 मई 2020 को रिटायर हो जाएंगे, ऐसे में उनकी तैनाती के लिए सरकार एक ठीक ठाक पद की तलाश कर रही है।

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