चैत्र नवरात्रि 2020 : 178 साल पहले बना दुर्लभ संयोग दोहराएगा ये नवरात्र

चैत्र नवरात्रि 2020 में बन रहे चार सर्वार्थ सिद्धि योग समेत कई योग

रायपुर। चैत्र मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्री का पावन पर्व शुरू होता हैं। ये तिथि इस वर्ष 25 मार्च 2020 को है। चैत्र महीने में शुरू होने वाली नवरात्रि को वासंतिक नवरात्र भी कहते है। इसी तिथि से हिन्दू नववर्ष की भी शुरुवात होती है। इस बरस के चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा से विक्रम नवसंत्सवर 2077 की शुरुआत होगी। चैत्र नवरात्रि को लेकर प्रदेश के तमाम देवी मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई है।

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राजधानी रायपुर के सुप्रसिद्ध महामाया मंदिर में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित करने की तैयारियां चल रही है। इस वर्ष 11,000 से अधिक मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित करने की तैयारी मंदिर ट्रस्ट के द्वारा की गई है। तकरीबन डेढ़ महीने पहले ही मंदिर प्रांगण के रंगरोगन और साजसज्जा का काम शुरू कर दिया जाता है।

मंदिर के पुजारी पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि इस बार की नवरात्रि में भी कई विशेष संयोग बन रहे है। उन्होंने कहा कि इस बार के नवरात्रि में 178 साल पहले बने दुर्लभ संयोग फिर बन रहा है। इस साल के नवरात्रि में गुरु धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश किया था जो इस बार भी गुरु धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश कर रहा है जो एक परिपूर्ण योग माना जाता है।

पंडित शुक्ला ने बताया कि देवालयों और घरों में नवरात्रि के पहले दिन विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की जाती है। कलश में आम के पत्ते और जौ के दाने के साथ सूखा नारियल भी रखा जाता है, और आदिशक्ति की उपासना के लिए ज्योत प्रज्ज्वलित की जाती है। इस बार चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि 24 मार्च दोपहर 2:57 बजे से शुरु होकर 25 मार्च दोपहर 5:26 बजे तक रहेगी। महामाया मंदिर में घट स्थापना का अभिजीत मुहूर्त 25 तारीख को सुबह 11 बजकर 36 मिनट से लेकर 12 बजकर 24 मिनट तक है। उन्होंने बताया कि इस बार के नवरात्र में खास बात यह है कि इस बार चैत्र नवरात्रि के व्रत में किसी भी तिथि का क्षय नहीं है। जिसकी वजह से माता के भक्त पूरे नौ दिनों तक मां की पूजा अर्चना और व्रत कर पाएंगे।

चार सर्वार्थ सिद्धि योग समेत बन रहे कई योग
पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि यह नवरात्रि सभी के लिए बहुत ही अच्छे योग और संयोग लेकर आ रही है। इस नवरात्रि में इस बार चार सर्वार्थ सिद्धि योग, 6 रवि योग, दो अमृत सिद्धि योग और एक द्वीय पुष्कर योग और एक गुरु पुष्य अमृत योग बन रहा है। जो हर मनोकामना को पूर्ति करने के साथ ही सभी के लिए हितकारी भी है। उन्होंने बताया कि हिंदू नव वर्ष भी चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से ही शुरु होता है। जिसकी तैयारियों में सभी श्रद्धालु जुटे हुए है।