Corona Effect : हॉकर्स का फैसला, नहीं बाटेंगे अख़बार…डिजीटल पर ज़ोर

50 से ज़्यादा अख़बारों की प्रिंटिंग पर भी लग सकती है रोक

रायपुर। कोरोना के कहर से अब आपको अखबार भी नहीं मिल पाएगा। राजधानी रायपुर के हॉकर्स एसोसिएशन ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए अखबार नहीं बांटने का फैसला लिया है। शहर भर के हॉकर्स के इस फैसले से अब फिलहाल राजधानी रायपुर में कोई भी अखबार नहीं बट पाएगा, हालांकि कुछ बड़े मीडिया हाउस अब भी अपने कर्मचारियों के जरिए अखबार बटवाने की कोशिश में लगे हुए है। इधर हॉकर्स एसोसिएशन के अलावा बड़ी एजेंसियों ने भी अखबारों को लेने से मना कर दिया है।

दरअसल जितने भी हॉकर्स अखबार लोगों के घरों तक पहुंचा रहे हैं, उनकी कमाई नाम मात्र भी नहीं होती है। हज़ार डेढ़ हज़ार रुपए महीने में इन्हें वेतन के रूप में मिलता है। इस कीमत पर सैनिटाइजर, मास्क, हैंडग्लब्स जैसी चीजों को खरीद कर इस्तेमाल कर पाना इनके बस में भी नहीं। ऐसे में शहर के विभिन्न चौक चौराहों को पार करते हुए घरों तक अखबार पहुंचाने वाले इन हॉकर्स में कोरोना के संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। इसी बात को देखते हुए शहर भर के हॉकर्स ने एक मीटिंग कर यह फैसला लिया है कि अब राजधानी में अखबार नहीं बांटे जाएंगे।

अब डिजीटल पर दे रहे ज़ोर
इधर अख़बारों को बांटने से मना करने के फैसले के बाद से ही शहर से छपने वाले नामचीन अख़बारों ने खुद की डिजिटल कॉपियों पर ज़्यादा ज़ोर दिया है। लगातार अखबारों की पीडीएफ फ़ाइल बनाकर उसे व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्वीटर, अखबार की वेबसाईट के ज़रिए लोगो तक पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही वेबपेज पर भी लगातार खबरों को अपडेट करने का काम भी किया जा रहा है।

लगभग 50 अखबारों की प्रिंटिंग होगी बंद
राजधानी रायपुर समेत अगर प्रदेशभर में हॉकर्स ने अखबार बाँटने से मनाही कर दी तो शहर से प्रकाशित होने वाले 50 से भी ज़्यादा अख़बारों की प्रिंटिंग बंद होगी। दैनिक छत्तीसगढ़ सांध्य दैनिक अखबार ने पहले ही अपनी प्रिंटिंग को बंद करने का ऐलान किया था। अखबार के संपादक सुनील कुमार ने इसकी जानकारी अपने ट्वीटर के ज़रिए दी थी। अब रायपुर से प्रकाशित हरिभूमि, दैनिक भास्कर, नवभारत, पत्रिका, नईदुनिया समेत तमाम अंग्रेजी अख़बारों की प्रिंटिंग पर भी इसका असर पड़ सकता है।

लॉकडाउन से गिरा सरकुलेशन
कोरोना से बचाव के लिए केंद्र सरकार के आदेश पर देशभर में तालेबंदी की गई है। इस तालेबंदी के दौर में अखबारों का सरकुलेशन भी बहुत बुरी तरह प्रभावित है। सुबह पार्क और मॉर्निंगवॉक में निकलने वाली लोगों की भीड़ बड़ी तादाद में इन हॉकरों से अखबारों खरीद लेते थे, अब जो नियमित ग्राहक हैं वही अखबारों का पढ़ रहे हैं।

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