रायपुर के तिवारी दंपति समेत 18 भारतीय रिहा, बोले- जंगल और समंदर में बीते 18 दिन…

नाइजीरियाई तट के पास एक कमर्शियल जहाज को समुद्री डाकूओं ने किया था अगवा

रायपुर। विगत 3 दिसंबर को नाइजीरियाई तट के पास एक कमर्शियल जहाज को समुद्री डाकूओं ने अगवा किया था जिसे सफलता पूर्वक छुड़ाया जा चूका है। इस जहाज़ में कुल 18 भारतीय थे जिन्हे सकुशल रिहा करा लिया गया है। आज इन भारतीयों को मुंबई लाया जाएगा। संभवतः आज देर रात या कल सुबह तक राजधानी के तिवारी दंपत्ति रायपुर पहुंचेंगे।

गौरतलब है कि समुद्री लुटेरों के एक समूह ने बोनी द्वीप से भारतीय नागरिकों को हांगकांग के झंडे वाले जहाज से अपहरण कर लिया गया था। नाइजीरिया के एक बंदरगाह में खड़े एमटी नव कंसल्टेंट जहाज पर तीन दिसंबर की रात समुद्री लुटेरों ने हमला किया था। राजधानी के इंजीनियर विजय तिवारी जो उस जहाज में थे उन्होंने मिडिया को बताया कि बंदूकों से लैस लुटेरे जहाज पर आए। सभी को बाहर निकाला और अपने जहाज में जाने को कहा। जब सभी लोग उनके जहाज में पहुंच गए तो वे उसे चलाकर बहुत दूर ले गए। कहां ले गए, किसी को जानकारी नहीं है। उसके बाद नौसेना ओर पुलिस की नजर से बचने के लिए लुटेरे पूरे 18 दिन उन लोगों को जंगलों-समुद्रों के रास्तों पर घुमाते रहे। दिन भर उन्हें जंगल में रखा जाता। रिहाई के दौरान भी लुटेरे एक अंजान स्थान पर सभी को छोड़कर चले गए। किसी से कोई बात नहीं की। बाद में नाइजीरिया की नौसेना और पुलिस के अधिकारी उन्हें राजधानी अबुजा ले गए। वहां हम लोगों की मेडिकल जांच हुई। बयान दर्ज किए गए।