कांग्रेस के धान खरीदी आंदोलन पर भाजपा करेगी जेल भरो आंदोलन

कांग्रेस के घोषणा पत्र को भाजपा करेगी स्वाहा

रायपुर|किसानो के धान खरीदी को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मियां जोरो पर है। प्रदेश में कांग्रेस धान के बढ़ाये गए समर्थन मूल्य पर जहाँ केंद्र सरकार को घेरने 13 नवंबर को दिल्ली जा रही है।तो वहीँ विपक्ष में बैठी भाजपा इसी दिन किसानो को साथ लेकर आंदोलन करने जा रही है। कांग्रेस ने प्रदेश के किसानो और व्यापारियों के द्वारा धान समर्थन पर लिखे पत्रों को पीएम को सौपने का मन बना लिया है। धान खरीदी के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन बार प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। जिसके जवाब में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र लिख कर धान खरीदने से इनकार कर दिया है। केंद्र का मानना है कि राज्य सरकार धान खरीदी पर किसानों को यदि बोनस देती है तो केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ का चावल नहीं खरीदेगी। केन्द्र के इस निर्णय के बाद राज्य सरकार पशोपेश में आ गई है।

कांग्रेस के खिलाफ भाजपा की रणनीति
धान खरीदी के सियासी घमासान के बीच आज भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में सरकार के खिलाफ लामबंद होने का फैसला लिया है।जिसके अनुसार आगामी 13 नवंबर को भाजपा प्रदेश स्तर पर राज्य सरकार के खिलाफ जेल भरो आंदोलन करने जा रही है। जेल भरो आंदोलन का कारण सरकार के द्वारा किसानो के साथ किये गए वादे से मुकरने को बताया जा रहा है। प्रदेश में चना खरीदी,गन्ने का समर्थन मूल्य और किसानो को बोनस पर राज्य सरकार ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया जिससे नाराज भाजपा प्रदेश के किसानो को साथ लेकर आंदोलन के जरिये जेल जाएगी। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बैठक के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान जेलभरो आंदोलन के साथ ही चुनाव के समय कांग्रेस के द्वारा बनाये गए घोषणा पत्र को जलने की बात कहि है। रमन सिंह का मानना है की 10 महीनो में भूपेश सरकार ने घोषणा पत्र में लिखे एक भी वादे को पूरा नहीं किया है। इसलिए ऐसे घोषणा पत्र को जला देना ही उचित है,ताकि कांग्रेस को अपने किये वादे याद आ जाये।

भाजपा को कांग्रेस का तीखा जवाब
भाजपा के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं सचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी जब घोषणापत्र तैयार करती है तो वह विपक्षी पार्टियों से पूछ कर तय नही करती है। रमन सिंह जी यह बताए कि जब 2013 में उन्होंने छत्तीसगढ़ के किसानों से 300रू. बोनस का वादा किया था, तो क्या उस समय केंद्र की यूपीए सरकार से पूछ कर किया था? न पूछने के बाद भी तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह की सरकार ने बिना भेदभाव के ना केवल रमन सिंह को अनुमति दी थी बल्कि केंद्रीय पूल के लिये चावल भी खरीदा था। त्रिवेदी ने जोर देते हुए कहा की कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के किसानों से जो वादा किया था धान के 2500रू. प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने का उस पर कांग्रेस की सरकार आज भी पूरी तरह कायम है और छत्तीसगढ़ के किसानों से धान 2500रू. प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर ही खरीदा जाएगा।