महासमुंदः अपने पद पर बने रहेंगे रॉबर्ट मिंज, हाईकोर्ट से स्थगन आदेश

महासमुंद प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रॉबर्ट मिंज की याचिका

महासमुंद। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रॉबर्ट मिंज महासमुन्द को  उच्च न्यायालय, बिलासपुर से  स्थगन आदेश मिला है।अब वे आगामी आदेश तक पद पर बने रहेंगे।

छत्तीसगढ़ शासन, स्कूली शिक्षा विभाग के आदेश  24/7/2020/एफ/2-64/2020/20-2 के आदेश के तहत परस राम चंद्राकर, जिला परियोजना अधिकारी, जिला लोक शिक्षा समिति रायपुर की नवीन पदस्थापना, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द के पद पर की गई।

उक्त आदेश से व्यथित होकर पदस्थ प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द,रॉबर्ट मिंज ने अपने अधिवक्ता विपीन तिवारी के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के समक्ष याचिका प्रस्तुत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ स्कूल सेवा ( शैक्षणिक एवं पदोन्नति संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2019 के तहत कोई भी व्यक्ति जो पांच साल से कम प्राचार्य पद पर रहा हो,इस पद पर नही रह सकता। जबकि परसराम चंद्राकर की नियुक्ति दिनांक 25 /5 /16 को हुई है कि नियुक्ति जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर गलत है।  जबकि आवेदक के बारे में कोई आदेश नहीं दिया गया है।

आवेदक की याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर से उपस्थित एडिशनल एडवोकेट जनरल अमृत दास ने कहा दलील देते हुए कहा कि रेस्पोंडेंट नंबर 4 परसराम चंद्राकर को सिर्फ जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद का प्रभार दिया गया है, पदोन्नत नहीं किया गया है। रेस्पोंडेंट नंबर 4 परसराम चंद्राकर की ओर से कहा गया कि उन्होंने कार्यालय में उपस्थिति दी है, पदभार ग्रहण नहीं किया गया है।

माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के न्यायधीश गौतम भादुड़ी ने प्रस्तुत अभिलेखों का निरीक्षण करने एवं पक्षकारों के दलील सुनने के बाद दिनांक 31/7 /2020 को यथा स्थिति का  आदेश पारित करते हुए, प्रकरण को 4 हफ्ते बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिये।