CG Rajyotsav 2019 : अब 5 नवंबर को होगा राज्योत्सव का समापन

राज्यपाल के आग्रह पर सीएम भूपेश ने की घोषणा

रायपुर | राजधानी के साइंस कॉलेज ग्राउंड में दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल अनुसुइया उइके, सीएम भूपेश,मंत्री गण, विधायक गण और हजारों की संख्या में पहुंचे प्रदेश की आम जनता उपस्थित रही। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ की गई। वही संस्कृत मंत्री अमरजीत भगत ने राज्यपाल अनुसुइया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का स्वागत धान की माला पहनाकर किया गया।

राजयपाल ने की सरकार की निति की सराहना
राज्यपाल अनुसुइया उइके ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य की उन्नति के लिए शांति जरूरी है, विगत कई वर्षों से नक्सल हिंसा से छत्तीसगढ़ का कुछ हिस्सा प्रभावित रहा है। इस हिंसा को खत्म करने के लिए साझा प्रयास किये जा रहे हैं। आशा है कि जल्द ही इस हिंसा से राज्य को मुक्ति मिलेगी और छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दौड़ में आगे बढ़ेगा। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री श्री भूपेष बघेल को छत्तीसगढ़ राज्य की नई उद्योग नीति के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जो कार्य किये जा रहे है वह किसान मजदूरो और आदिवासियों के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा। राज्यपाल ने आग्रह करते हुए कहा की राज्योत्सव में लगी प्रदर्शनीयां स्टॉल और सांस्कृतिक आयोजनों को देखने के लिए लोग दूर-दराज से पहुंच रहे हैं और कार्यक्रम बहुत ही शानदार हो रहा है इसके लिए 3 दिन काफी कम पड़ रहे हैं। राज्यपाल उइके ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से राज्य उत्सव को 2 दिन और बढ़ाने की पहल की। जिससे प्रदेश भर से आ रहे हजारों की संख्या में आम जनता राज्य उत्सव का आनंद उठा सकें। वहीँ राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में चल रहे 3 दिन के राज्योत्सव को सरकार ने राज्यपाल के विशेष पहल पर 2 दिन और आगे बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अब राज्योत्सव 5 नवंबर तक चलेगा। सीएम ने कहा कि राज्यपाल के मंशानुरूप् अब राज्योत्सव का समापन 5 नवंबर को होगा। साथ ही सीएम ने कहा कि राज्यपाल का अनुरोध ही आदेश होता है,आवश्यकता पड़ी तो राज्योत्सव को और भी आगे बढ़ाएंगे।

राज्य स्तरीय अलंकरण से शख्सियत और संस्थाएं हुए सम्मानित
समारोह में दुसरे दिन उत्कृष्ट कार्यो के लिए छह शख्सियतों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण पुरस्कार से नवाजा गया। विभूतियों को राज्यपाल ने शॉल पहनाकर अभिनंदन किया और अनके उज्जवल भविष्य की कामना की। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए ठाकुर प्यारेलाल सिंह सम्मान जिला लघु वनोपज संघ कांकेर के अध्यक्ष नितिन पोटाई को, उर्दू भाषा की सेवा के लिए हाजी हसन अली सम्मान रायपुर के नासिर अली नासिर को, तीरंदाजी के लिए महाराजा प्रवीरचन्द्र भंजदेव पुरस्कार बिलासपुर के पैरा तीरंदाजी खिलाड़ी गिरिवर सिंह को और अंग्रेजी प्रिन्ट मीडिया के लिए मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार रायपुर की रश्मि अभिषेक मिश्रा को, दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के लिए दानवीर भामाशाह पुरस्कार रायपुर के सीताराम अग्रवाल को और आयुर्वेद चिकित्सा के लिए धन्वंतरी पुरस्कार रायपुर के प्रो.आर.एन.त्रिपाठी को दिया गया।

राजयपाल ने किया स्टाल का किया अवलोकन
राज्यपाल उइके ने राज्योत्सव 2019 में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया। इस अवसर पर कृषि रविन्द्र चैबे,नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया,पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने सुराजी योजना और मॉडल गौठान के स्टाल का अवलोकन किया और सराहना भी की। राज्यपाल कृषि विकास किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी के स्टाल पर पहुंची और कृषि विकास केन्द्र कोरिया के स्टाल में बकरी पालन तथा चारा उत्पादन के नवीनतम तरीकों की जानकारी ली। इसके बाद राज्यपाल देवभोग दुग्ध उत्पादन केन्द्र के स्टाल में पहुंची, जहां उन्हें रबड़ी और पेड़े भेंट किये गए, जिसका राज्यपाल ने स्वाद चखा और उनकी सराहना भी की। राज्यपाल को कृषि मंत्री रविन्द्र चैबे ने उन्नत किस्म के जामुन का पौधा भेंट किया।

संस्कृति और कला का संगम
शनिवार को राज्योत्सव के दूसरे दिन भी दर्शकों को नृत्य गीत संगीत के जरिए राज्य की संस्कृति और कला से रूबरू होने का मौका मिला। राज्योत्सव के मौके पर सांस्कृतिक प्रोग्राम से प्रदेशभर से आए हुए कलाकारों ने अपनी कला से लोगों का मन मोह लिया । राज्योत्सव के दूसरे दिन सरगुजा, रायगढ़, बिलासपुर और राजनांदगांव के कलाकारों ने अपने नृत्य के जरिए शानदार प्रस्तुति दी। जिसमें खंजरी, भजन, सरहुल, सैला नृत्य और राउत नाचा सहित गीत गजल के साथ मुख्य रूप से ओडिशी नृत्य और भरतनाट्यम को कलाकारों ने प्रस्तुत किए।