छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया गोवेर्धन पूजा में अवकाश,आदेश जारी

प्रदेश में 28 अक्टूबर को बैंक एवं कोषालय रहेंगे बंद

रायपुर | छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनते ही संस्कृति की ओर राज्य सरकार ने सबसे पहले ध्यान देना शुरू किया। सरकार का मानना है की संस्कृति से दुरी बनाये रखना घातक है। इससे आज के युवाओं में परम्परा की जानकारी नहीं होती। यही कारण है की भूपेश सरकार ने प्रदेश में संस्कृति को सहेजने काम पहले ही दिन से शुरू कर दिया है। अब प्रदेश में होने वाले सभी सांस्कृतिक पर्व को छत्तीसगढ़ के अनुरूप मनाने का नीति निर्धारण सरकार के द्वारा किया गया। जिसके तहत हरेली, पोला, तीजा जैसे पर्व सरकारी तौर पर मनाया गया। इसी कड़ी में सितंबर माह में ही राज्य शासन द्वारा भाई दूज पर्व पर छुट्टी की घोषणा की जा चुकी थी। अब 26 अक्टूबर यानी शनिवार को राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेश में मनाए जाने वाले गोवर्धन पूजा पर भी अवकाश घोषित कर दिया गया है।
                                   छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार को यानी दीपावली के दूसरे दिन मनाये जाने वाले प्रदेश के सबसे बड़े त्यौहार गोवर्धन पूजा के अवसर पर पुरे छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। जिसके तहत इस दिन कोषालय एवं बैंक बंद रहेंगे। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने गोवेर्धन पूजा के दिन छुट्टी का निर्देश निगोशिएबल इस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881 के तहत जारी कर दिया है। इस बार दीपावली रविवार को होने के कारण सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी अलग से नहीं मिली थी लेकिन अब सरकार के निर्देश के बाद गोवर्धन पूजा में मिले छुट्टी से कर्मचारियों में काफी खुशी देखी जा रही है।

गोवर्धन पूजा के दिन गौठान दिवस
इधर 28 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा का त्यौहार को सरकार ने गौठान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। जिसके लिए पूरी तैयारियां प्रदेशभर के जिलों में की जा रही है। जहाँ जिलों के प्रभारी मंत्री मौजूद रहेंगे और गौठानों में जाकर गौमाता की पूजा अर्चना करेंगे। इसके साथ ही राजधानी में मुख्यमंत्री निवास ने भी गौठान दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मिले सूचना के मुताबिक मुख्यमंत्री निवास में सीएम भूपेश बघेल स्वयं सुबह 10:30 बजे गोवर्धन पूजा करेंगे। जहां बड़ी संख्या में लोग शामिल भी होंगे। पूजा के बाद सीएम हाउस में राउत नाचा का आयोजन भी किया गया है। आपको बता दें कि गोवर्धन पूजा विशेषकर राउत समुदाय के लिए होता है। जिसमें राउत समुदाय अपने पालतू मवेशियों यानी गाय की पूजा कर गौ माता से आशीर्वाद लेते हैं।