राज्योत्सव के आगाज में सीएम भूपेश ने किया नई उद्योग नीति की घोषणा

सीएम भूपेश बघेल को खुमरी और धान माला पहनाकर किया गया स्वागत

रायपुर | राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में 20वें राज्योत्सव का आगाज हुआ। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मंत्रीगणों ने दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मंत्री अमरजीत भगत और कवासी लखमा ने सीएम भूपेश बघेल को खुमरी और धान का माला पहनाकर स्वागत किया।
                                           राज्य उत्सव के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित आला मंत्री,महापौर, विधायक गण सभी पदाधिकारी और आम जनता उपस्थित रहे। राज्य उत्सव के मौके पर सीएम भूपेश बघेल ने इस अवसर पर नई उद्योग नीति की पुस्तिका का विमोचन किया। जो 1 नवंबर 2019 से वर्ष 2024 तक लागू रहेगा। पुस्तिका में आधुनिक उद्योग तकनीक की समस्त जानकारी दी गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास का है जिसमें गाव ,गरीब,किसान,अनुसूचित जाति,जनजाति,पिछड़े तबके के लोगों को विकास का लाभ मिले। आपको बता दें कि इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आने वाली थी। लेकिन सोनिया ने राज्य उत्सव के मौके पर प्रदेश वासियों को संदेश भेज कर राज्य उत्सव की शुभकामनाए दी । साथ ही जानता की तारीफ में कहा की इस साल जनता ने लोकतंत्र के रास्ते को चुनकर नई सरकार बनाई जिससे प्रदेश प्रगति करेगा । वही झीरम घाटी हमले में शहीद हुए जवानों और नेताओं को भी सोनिया ने श्रद्धांजलि अर्पित की। मुखयमंत्री भूपेश बघेल ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सन्देश का वचन किया।

सरकार का लक्ष समावेशी विकास-भूपेश बघेल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य सरकार की नीतियों से प्रदेश में उत्साह का माहौल बना है। सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास का है। साथ ही किसान को लेकर कहा कि काफी लंबे अरसे तक किसान परेशान थे सरकार का साथ दिया तो उनकी काफी कुछ परेशानियों का हल हुआ। यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। राज्य सरकार हर हाथ को काम देना चाहती है। साथ ही यह भी कहा कि आज पूरे देश में यह चर्चा है कि छत्तीसगढ़ देशव्यापी आर्थिक मंदी से अछूता है छत्तीसगढ़ के आर्थिक मॉडल की चर्चा पूरे देश में है। भूपेश ने किसानों को ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और कर्ज माफी की बात को प्रमुखता से जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जनता की समस्याओं को हल करने की व्यवस्था नवीन योजनाओं के माध्यम से की है। कुपोषण से मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना प्रारंभ की गई है। इसके साथ सार्वभौम पीडीएस, हाट बाजार क्लिनिक योजना, शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय जैसी योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। मोर जमीन मोर मकान योजना के अंतर्गत अब तक 8 हजार मकान बने थे, पिछले 11 महीने में 40 हजार मकान बनाए गए हैं। डीएमएफ का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाने के प्रयास प्रारंभ किए गए हैं।

राज्योत्सव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 विभूतियों और संस्थाएं हुई अलंकृत
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्योत्सव की गरिमामय शुभारंभ समारोह में विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 विभूतियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया। इस उत्कृष्ट सम्मान में सम्मानित हुए विभूतियों को शासन की ओर से प्रशस्ती पत्र,ताम्रपत्र और 2 लाख रू की नकद राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अहिंसा एवं गौ रक्षा के लिए यति यतननलाल सम्मान विद्यासागर गोविंदी देवी चैरिटेबल ट्रस्ट ग्राम साकरा जिला धमतरी को दिया। खेल के लिए गुंडाधुर सम्मान रायपुर के बॉलीबाल खिलाड़ी दीपेश कुमार सिन्हा को मिला। महिला उत्थान के लिए मिनीमाता सम्मान भिलाई की रुकमणी देवी को नवाजा गया। सामाजिक चेतना एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र में गुरु घासीदास सम्मान गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी को सौपा गया। सामाजिक आर्थिक व शैक्षणिक क्षेत्र में अभिनव के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान बिलासपुर जिले के ग्राम गनियारी के जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था को दिया। साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाला पंडित सुंदरलाल शर्मा सम्मान रायपुर के सैयद अली मीर को दिया गया। कला एवं संगीत के लिए चक्रधर सम्मान रायपुर के मिर्जा मसूद को मिला। लोक कला ओर शिल्प के लिए दाऊ मंदिराजी सम्मान दुर्ग के कुलेश्वर ताम्रकार एवं कृषि क्षेत्र में खूबचंद बघेल सम्मान खैरागढ़ के खिरसागर पटेल को दिया गया। वही पत्रकारिता मे सर्वश्रेष्ठ कार्य करने पर चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रिंट मीडिया के लिए दुर्ग के रोम शंकर यादव और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के रायपुर के ज्ञानेंद्र तिवारी को प्रदान किया गया।

चिन्हारी की रक्षा का लिया संकल्प
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा,गरूवा,घुरूवा और बारी को बचाने का संकल्प लिया। छत्तीसगढ़ के सारे त्यौहार को बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ इस बार मनाया गया। साथ ही कुपोषण से मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना प्रारंभ प्रदेश में की गई। राज्योत्सव के माध्यम से प्रदेश की जनता को सराकर ने अपनी सभी योजनाओं की जानकारी दी ताकि आम लोगों पता चले कि सरकार ने अब तक क्या काम किया है।