राज्यपाल से किसानों के प्रतिनिधिमण्डल ने की मुलाकात

10 सूत्रीय मांगो का सौंपा ज्ञापन

रायपुर | छत्तीसगढ़ में किसानों को लेकर सियासत गरमा गई है। एक और राज्य की सत्ता में काबिज कांग्रेस केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों के मुद्दों को लेकर लामबंद है। तो वहीं प्रदेश के किसान भी राज्य सरकार के रवैया पर खासी नाराजगी जता रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पिछले 1 महीने से रुक-रुक कर हो रही बेमौसम बारिश से किसानों के खड़े फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों को फसल पर हुए नुकसान पर अब तक राज्य सरकार ने मुआवजा तय नहीं किया है। जिसके चलते अब तक किसान मुआवजे के लिए भटकते फिर रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में नजरी आकलन करने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है,लेकिन अब तक आकलन पूरा नहीं होने से मुआवजा किसानों को नहीं मिल पाया है।

राजभवन पहुंचे किसान
बेमौसम प्राकृतिक आपदा के चलते खराब हुई फसलों के मुआवजे के लिए राजिम के किसान एकजुट होकर रायपुर राजधानी की ओर कुच किए हैं। राजिम के किसानों का मानना है कि रवि फसल धान के भुगतान और 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू करने की मांग को लेकर यह किसान छत्तीसगढ़ के राज्यपाल अनुसुईया उईके से मिलने राजभवन पहुंचे हैं। किसान संघ के प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन में राज्यपाल से मिलकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई है। राजीम मंडी के किसानों ने अपने 10 सूत्रीय मांगों से राज्यपाल को अवगत कराया है। किसानों ने राज्यपाल से गुहार लगाई कि 10 सूत्रीय मांगों को सरकार के द्वारा पूरा कराए जाने की पुरजोर कोशिश की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।