नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनितिक दलों की रणनीति बननी शुरू

कांग्रेस,भाजपा और जनता कांग्रेस में बैठकों का दौर जारी

रायपुर | छत्तीसगढ़ में नगर निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा के साथ-साथ अब पहली बार जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने भी चुनावी रणनीति बनाने बैठक का दौर शुरू कर दिया है। इस बार छत्तीसगढ़ में पहली बार महापौर और अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होगा। जिसके बाद राजनीति और ज्यादा गर्म होने की बात सामने देखी जा रही है। प्रदेश की सत्ता में कांग्रेस की बागडोर होने के बाद कांग्रेस निकाय चुनाव को लेकर अच्छी खासी रणनीति बनाने में जुट गई है, ताकि इस बार निकाय चुनाव में कांग्रेस पूरे बहुमत के साथ पूरे प्रदेश के नगरीय निकाय, नगर पालिका और नगर पंचायत में अपनी बखत बना सके। इसी कड़ी में कांग्रेस, पार्षदों के दावेदारी को बड़े ही पैनी नजर से देख रही है। कांग्रेस का मानना है जिस उम्मीदवार की लोकप्रियता अच्छी खासी होगी और चुनाव में जीत हासिल करने का माद्दा होगा उसे ही उम्मीदवारी दी जा सकती है। जिससे कांग्रेस को कहीं भी मात न खानी पड़े। हालांकि चुनाव में अभी भी देर है ऐसे में पार्षदों के टिकट को लेकर अभी तक कुछ भी नाम तय नहीं किए गए हैं।

चुनाव समिति की बैठक में तय होंगे नाम
कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी का साफ तौर पर कहना है कि नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सबसे पहले कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक करेगी। बैठक में ही टिकट को लेकर मंथन किया जाएगा। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम,मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मिलकर दावेदारों पर मुहर लगाएंगे। इसके बाद ही पार्षदों के टिकट के लिए दावेदारों के नामों पर विचार भी किया जायेगा। शैलेश नितिन त्रिवेदी का यहां तक कि कहना है कि अब तक हुए चुनाव में क्षमता को आधार मानकर दावेदारों को टिकट दी गई, जिसका नतीजा यह रहा कि सभी उम्मीदवारों ने जीत हासिल किया हैं।

भाजपा बनाएगी अभेद रणनीति
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी भी निकाय चुनाव में अपने आप को खरा साबित करने में कहीं भी पीछे नहीं है। विधानसभा चुनाव में करारी मात के बाद, लोकसभा चुनाव में अपने बेहतर प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए इस बार निकाय चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में भाजपा का पताका लहराने में जोड़-तोड़ करना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी भारतीय जनता पार्टी में मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। इसके ठीक बाद भारतीय जनता पार्टी नगरी निकाय चुनाव को लेकर कड़ी रणनीति बनाएगी। भाजपा का साफ मानना है कि 10 महीनों में कांग्रेस की सरकार ने प्रदेश में विकास के काम को काफी दूर रखा है,जिससे जनता काफी नाराज हैं। इसलिए नगरीय निकाय चुनाव में जनता अपनी नाराजगी भाजपा को वोट देकर बताएगी और नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत तीनों ही क्षेत्र में भाजपा के उम्मीदवार विजयश्री हासिल करेंगे।