छेरछेरा से भाजपा का “भात पर बात” अभियान, 20 हज़ार गांवों तक पहुंचने का लक्ष्य

गांव गांव में पहुंचकर सरकार के किसान विरोधी फैसलों का करेंगे बखान

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ़ भाजपा ने अब “भात पर बात” अभियान का आगाज़ करने जा रही है। इस अभियान के ज़रिए भाजपा भूपेश सरकार के ख़िलाफ़ पंचायती चुनाव को लेकर भी हमलावर रुख अपनाएगी। अभियान की जानकारी देते हुए पूर्व मंत्री और कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कल छेरछेरा है और कल हम एक महत्वपूर्ण अभियान का आगाज़ करने जा रहे है। उन्होंने कहा कि छेरछेरा में गांवों में मूलतः अन्नदान ही किया जाता है, लेकिन इस सरकार ने धान खरीदी के मामले में किसानो को रुलाया है। पहली बार छत्तीसगढ़ में ऐसा हो रहा है जब एक निचले तपके का अफसर सरकारी निर्देशों के अतिरिक्त मौखिक निर्देश पर सीधे कार्रवाई कर रहा है। प्रदेश भर में धान पकड़ने के लिए पटवारी, पुलिस, खाद्य, खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव से लेकर पूरा प्रशासनिक अमला लगा हुआ है।
अजय चंद्राकर ने आगे कहा कि इन सब के विरोध में भाजपा छेरछेरा त्यौहार पर “भात पर बात” अभियान शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि धान नहीं खरीद कर के छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं का सरकार ने अपमान किया है। हम प्रदेश भर में “भात पर चर्चा” करेंगे। चंद्राकर ने आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति भात से जुड़ी है। हम 20 हजार गांवों तक जाकर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव शुरू हो रहे है। बीजेपी ने सभी 27 जिलों में अपने पैनल की घोषणा कर दी है। पहली बार जनपद स्तर तक हमने पैनल बनाया है। प्रदेश से हम जिला पंचायत और जनपद पंचायत तक की मॉनिटरिंग करेंगे।

कमेटी की जरुरत ही क्यों ?
अजय चंद्राकर ने सरकार पर हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने धान की खरीदी 2500 रुपये में करने का वादा किया था, लेकिन डिफरेंस की राशि कैसे देंगे इसका पता लगाने अब कमेटी बना दी। उन्होंने कहा कि हमने इससे पहले एक कमेटी का हश्र देखा है, शराबबंदी को लेकर कमेटी बनाई थी। नशे के मामले में छत्तीसगढ़ ने पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है। सिर्फ भावनात्मक मुद्दों को उठाने की कोशिश सरकार ने की है। पंचायत ग्रामीण विकास का बजट सरकार ने घटाया है। 14 वें वित्त आयोग का पूरा पैसा नरवा, गरवा, घुरवा, बारी में लगा दिया है लेकिन इस योजना का क्या लाभ मिला है ? अगर सरकार को शराब बंदी करनी है बोनस देना हो तो वो सीधे आदेश कर सकती है कमेटी बनाने की क्या जरुरत पड़ रही है ?