केंद्र सरकार की रणनीति के खिलाफ एक जुट होगा प्रदेश कांग्रेस

प्रदेशभर में आंदोलन के बाद दिल्ली में करेंगे जंगी प्रदर्शन

रायपुर | केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस अब लामबंद हो गई है। देश मे आर्थिक मंदी और कृषि संकट को मुद्दा बनाकर अब कांग्रेस 15 नवंबर तक देशव्यापी प्रदर्शन करने मे जुट गई है। जिसके लिए एआईसीसी ने अपने सभी प्रदेश प्रभारियों और पर्यवेक्षकों को निर्देशित कर दिया है कि सभी राज्यों में कांग्रेस को मजबूत कर 5 नवंबर से 15 नवंबर तक प्रदर्शन प्रदेश भर में जारी रखा जाए।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का मानना है कि जब से नरेंद्र मोदी ने केंद्र में सत्ता संभाली है, तब से पूरे देश भर में आर्थिक मंदी, कृषि संकट, बेरोजगारी और व्यापार क्षेत्र में भागीदारी करने वालों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
                                            आज इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में भी 5 नवंबर से 15 नवंबर तक किए जाने वाले केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन को मूर्त रूप दिया गया। दिल्ली से पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पी एल पुनिया के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यवेक्षक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री भक्तचरण दास रायपुर के कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस के पदाधिकारियों की बैठक ली। जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्षों, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्रियों, विधायकों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों सहित भूपेश सरकार के मंत्रीयों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

ब्लॉक और जिला स्तर पर करेंगे प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों को कहा कि केंद्र के खिलाफ जंगी प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि केंद्र की रणनीति को बदला जा सके। जिसके लिए बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 नवंबर से 15 नवंबर तक ब्लॉक स्तर पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। जिसके तहत आंदोलन की रणनीति भी बनाई गई। रणनीति के तहत छत्तीसगढ़ में 5 नवंबर से लेकर 12 नवंबर तक पूरे प्रदेश के ब्लाक और साथ ही जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें प्रदेश के किसानों और अन्य आम जनता से भी केंद्र सरकार की नाकाम हुई नीतियों के खिलाफ उनसे हस्ताक्षर लिए जाएंगे। 12 नवंबर के बाद कांग्रेस के पदाधिकारी किसानों को साथ लेकर दिल्ली के लिए रवाना होंगे। जहां 15 नवंबर को दिल्ली के जंतर मंतर में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला जाएगा। प्रभारी पुनिया ने कहा कि धान के समर्थन मूल्य को नहीं बढाकर केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव कर रही है। प्रदेश में जब भाजपा यानि रमन सिंह की सरकार थी तो मनमोहन के सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानो व जनता के साथ कभी भी भेदभाव नही किया। केंद्र के द्वारा भेदभाव किया जाना समझ से परे है।

भूपेश सरकार किसानो के साथ
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसानों को दिए जाने वाले 2500 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धन का समर्थन मूल्य दी जाएगी, चाहे केंद्र सरकार माने या ना माने। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सभी 11 सांसदों के साथ सेंट्रल पूल पर चर्चा करने की बात कही है। भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश के सभी सांसदों से कहां जाएगा कि शीतकालीन सत्र से पहले सभी सांसद अपने प्रदेश के विकास के लिए केंद्र सरकार से एक बार फिर धान खरीदी पर चर्चा करें, ताकि केंद्र सरकार 2500 रूपये समर्थन मूल्य पर धान खरीदने राजी हो जाए। केंद्र सरकार यदि समर्थन मूल्य पर राजी हो जाता है तो राज्य सरकार के लिए बन रही परेशानी आसानी से कम हो सकती है और इससे छत्तीसगढ़ का उत्तरोत्तर विकास होना संभव होगा।