डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा रचित गीत ‘‘अरपा पैरी के धार‘‘ राज्यगीत घोषित

किसानो के समर्थन मूल्य बढ़ने पीएम को पत्र लिखने सीएम ने किया किसानो और व्यापारियों से आव्हान

रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के तीसरे दिन के अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्क्रम की शुरुआत में संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन का माला पहनाकर स्वागत किया। समारोह में लोकसभा क्षेत्र कोरबा की सांसद ज्योत्सना महंत, छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, विधायकगण, सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि सहित अपार जनसमूह उपस्थित थे। स्वागत की कड़ी ख़त्म होने के बाद राज्य अलंकरण के विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्तियों और संस्थाओं को पुरस्कृत किया गया।

8 विभूतियों और संस्थाओं को दिया गया राज्य अलंकरण
राज्योत्सव के तीसरे दिन 8 विभूतियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया। इस दौरान अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले चार पुलिस कर्मियों को शौर्य पदक भी दिए गए। सहायक उपनिरीक्षक सुरेश कश्यप तथा प्रधान आरक्षक ताती मुकेश के साथ ही उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा और आरक्षक कृषलाल साहू को मरणोपरांत शौर्य पदक से सम्मानित किया गया। वहीं राज्य अलंकरण के अंतर्गत सामाजिक समरसता के लिए रायपुर के रामजी लाल अग्रवाल को महाराजा अग्रसेन सम्मान और मछली पालन के लिए माना कैंप रायपुर के सुदीप दास को बिलासा बाई केंवटिन सम्मान से विभूषित किया गया। संस्कृत भाषा के लिए खैरागढ़ के प्रो. कामता प्रसाद त्रिपाठी पीयूष को संस्कृति भाषा सम्मान, पत्रकारिता के लिए नई दिल्ली के रवीश कुमार को पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मक सम्मान, अपराध अनुसंधान के लिए दल्लीराजहरा थाने के निरीक्षक मनीष सिंह परिहार को पंडित लखन लाल मिश्र सम्मान तथा श्रम के क्षेत्र में एन.टी.पी.सी. लारा रायगढ़ और भिलाई के प्रशांत शेखर शर्मा को संयुक्त रूप से महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव सम्मान प्रदान किया गया। सरगुजा के गंगाराम पैकरा को शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान और मुंगेली के अभ्यारण्य शिक्षण समिति को डॉ. भंवर सिंह पोर्ते सम्मान से विभूषित किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष ने डाला ‘‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘‘ पर प्रकाश
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तारीफ करते हुए कहा की राज्य की संस्कृति और सभ्यता का सम्मान के साथ ही राज्य सरकार ‘‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘‘ के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी की सहभागिता पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की 88 प्रतिशत जनता कृषि पर आधारित है, इसलिए किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना जरूरी है। सरकार गांव से उत्कृष्ट व्यक्ति को चिन्हांकित कर सम्मान कर रही है। आने वाली पीढ़ी को सुराजी योजना के तहत् नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी से परिचित करवाना आवश्यक है। इस चार चिन्हारी से छत्तीसगढ़ राज्य को नया जीवन मिलेगा। राज्य प्राकृतिक खनिज संपदा से परिपूर्ण है। इसका लाभ सभी को मिले और सामाजिक समरसता के साथ नवा छत्तीसगढ़ गढ़ना है।

‘‘अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार‘‘ राज्यगीत घोषित
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अलंकरण समारोह के मंच से डॉ. नरेन्द्र वर्मा द्वारा रचित छत्तीसगढ़ी गीत ‘‘अरपा पैरी की धार, महानदी हे अपार’’ गीत को राज्यगीत घोषित किया। उन्होंने कहा कि यह गीत प्रदेश के गांव-गांव और शहरों में महतारी गीत के रूप में प्रसिद्ध है। इस गीत को राज्य शासन द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रमों और आयोजनों में अब राज्यगीत के रूप में बजाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। नई सरकार के गठन के बाद किसानों के हित में बहुत से निर्णय लिये गये, जिसके कारण दीपावली में इस बार छत्तीसगढ़ में खुशहाली और समृद्धि का माहौल है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की प्रधानमंत्री को पत्र लिखें, जिसमें राज्य सरकार द्वारा 2500 रूपए प्रति क्विंटल धान खरीदी के लिए सहमति प्रदान करें।

राज्योत्सव में लगाए गए हैं विभिन्न स्टाल
राजधानी के साइंस कॉलेज में आयोजित राज्योत्सव समारोह में सरकार द्वारा उठाये जा रहे गांव के उत्थान के लिए कृषि, बागवानी, जल संरक्षण और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने की आवश्यक कदम को विभिन्न स्टाल में दर्शाया गया है। साथ ही राज्योत्सव में शासन की उपलब्धियों और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इस बार राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी समृद्ध कला और संस्कृति को संरक्षण दिया जा रहा है।जिससे प्रदेश के कलाकारों में ख़ुशी जा रही है।