राजनांदगावः भाजपा छोडऩे के बाद गोस्वामी ने रमन को लिया आड़े हाथ

कहा : पार्टी में होना न होना एक जैसा

प्रदीप मेश्राम, राजनांदगांव। छह साल पहले भाजपा का दामन सम्हालने के बाद राजनांदगांव के वरिष्ठ नेता विनोद गोस्वामी ने पार्टी से त्यागपत्र देते पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को आड़े हाथ लेते कहा कि उनके प्रभावी राजनीतिक व्यक्तित्व को पार्टी के एक धड़े ने हाशिए पर ढ़केल दिया।
रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुए विनोद गोस्वामी  इस बात से नाराज हैं कि पूर्व सीएम ने कभी भी उनकी सुध नहीं ली। जिसके चलते एक तरह से भाजपा में उनकी राजनीतिक हत्या हुई। गोस्वामी इसके लिए सिर्फ और सिर्फ पूर्व सीएम रमन को ही जिम्मेदार मानते हैं।
कांग्रेस छोडऩे के दौरान मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जिम्मेदार मानने वाले गोस्वामी के सुर अब बदल गए हैं। वह छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार के कामकाज को किसानों की उन्नति से जोड़कर देख रहे हैं।
एक सवाल के जवाब में गोस्वामी ने कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें याद नहीं है कि संगठन की ओर से किसी मंच और सभा में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया हो। उन्होंने कहा कि दीगर पार्टी से आए नेताओं के साथ भाजपा में बुरा हश्र होता है यह अब समझ में आ चुका है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रहते भाजपा का दामन थामने के बाद भी पार्टी के भीतर मंच और सभा में बोलने लायक नहीं समझा गया। यह तमाम बातों से हताश होकर भाजपा को अलविदा कहा है।
वहीं श्री गोस्वामी ने कहा कि यह सही है कि पूर्व सीएम रमन से प्रभावित होकर ही भाजपा का रूख किया, पर यह पता नहीं चल पाया कि भाजपा में आने के बाद उन्हें दरकिनार क्यों किया गया? मुझे इस बात का अफसोस है कि पूर्व सीएम ने कभी भी सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मेरा राजनीतिक उपयोग नहीं किया।
पार्टी में मेरे साथ हुए व्यवहार से स्पष्ट होने लगा कि दीगर पार्टी से आए लोगों को भाजपा को जरूरत नहीं है। एक तरह से यह व्यवहार परले दर्जे जैसा रहा। इसके लिए मैं पूर्व सीएम को ही कसूरवार मानता हूं।
छत्तीसगढ़ के मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कार्यप्रणाली की सराहना करते श्री गोस्वामी ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए मुख्यमंत्री बघेल ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी दमदार पकड़ बनाई है। केंद्र की भाजपा सरकार भी छत्तीसगढ़ सरकार के इस योजना को समझने की दिलचस्पी ले रही है।
प्रदेश में किसानों को लेकर मुख्यमंत्री बघेल की गहरी समझ से साफ होता है कि सूबे के किसान आर्थिक रूप से संबल हुए हैं। अपने अगले राजनीतिक कदम पर श्री विनेद गोस्वामी ने कहा कि फिलहाल वह चिंतन कर रहे हैं। उसके बाद अगला राजनीतिक फैसला लेंगे।

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