राजनांदगांव पुलिस ने नक्सल और आपराधिक मामलों में लाया कसावट

सालभर का जारी किया रिकार्ड

राजनांदगांव | छत्तीसगढ़ का संस्कारधानी जिला राजनांदगांव वैसे तो बेहद शांत शहर है। लेकिन बाईट कुछ वर्षो में यहाँ भी ऐसे वारदात हुए जिसे भुलाया नहीं जा सकता। विशेषकर ये जिला नक्सल प्रभावित जिला है। इसके आसपास लगा तहसीलों में नक्सलियों की धामा ए दिन होती ही रहती है। इसके बावजूद बीते साल यानी वर्ष 2019 में नक्सलियों पर काबू करने राजनांदगाव की पुलिस को काफी सफलता मिली है। राजनांदगांव के वरिष्ठ पुलिस कप्तान बीएस ध्रुव ने पुलिस अफसरों के साथ साल भर का ब्यौरा मीडिया के सामने प्रस्तुत किया। पत्रकारवार्ता में एएसपी शहर और ग्रामीण यूबीएस चौहान, जीएम बघेल, सीएसपी श्यामसुंदर शर्मा समेत अन्य अफसर और कर्मी उपस्थित थे।

नक्सली गतिविधियां रही चुनौतिपूर्ण
राजनांदगाव पुलिस को बीते साल नक्सल मोर्चे से जुडी गतिविधियों को कम करने में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। पुलिस ने नक्सलियों को जहां बार्डर में ही समेटकर रखा। वहीं सालभर के पुलिस की गतिविधियों को लेकर नक्सल मोर्चे में पुलिस को अच्छी कामयाबी मिली। पुलिस ने नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया। साथ ही कई जगह पुलिस ने धावा बोलकर नक्सल कैम्प को भी ध्वस्त किया। इसके अलावा पुलिस ने एक नक्सली को मुख्य धारा में लौटने में सफल रही। जिले की पुलिस ने नक्सल मोर्चे पर विशेष जनसुरक्षा अधिनियम के तहत किसी भी ग्रामीण के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। इसी तरह पुलिस ने नक्सली अपराध में नकेल कसने में भी बेहतर प्रदर्शन किया।

अपराध पर कसावट
शहरी इलाकों में पुलिस ने डकैती, अपहरण, अवैध शराब जैसे अन्य मामलों में जूझते हुए दोषियों के खिलाफ सख्तीपूर्वक कार्रवाई की। एसएसपी ध्रुव की माने तो बीते साल 2019 में हत्या,लूट और नकबजनी के 3890 मामले जिले के थानों में दर्ज किए गए। 2018 की तुलना में यह आंकड़ा हलाकि अधिक है। लेकिन 2018 में जहाँ 6 हत्या के मामले सामने आये थे वहीँ 2019 में एक भी हत्या का मामला सामने नहीं आया। पुलिस ने आबकारी अमले को पीछे ढकेलते हुए 2019 में 1359 मामले दर्ज किए। जिसमें 8 करोड़ 47 लाख 22 हजार 295 रुपए के देशी-विदेशी शराब जब्त किए गए। सीमावर्ती राज्यों में अवैध शराब तस्करों के दाखिल होते ही पुलिस ने कार्रवाई की।

चिटफंड कारोबार के खिलाफ करवाई
उधर चिटफंड कंपनियों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की। 2008 से 2019 तक 46 मामले दर्ज हुए। जिसमें 32 में अदालत में चालान प्रस्तुत किया गया। दो मामले खत्म कर दिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि यालस्को रियल स्टेट के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई करते नीलामी की गई। एसएसपी ने बताया कि 2019 में बालिकाओं पर भी घटित अपराधों को लेकर सख्ती पूर्वक कार्रवाई की गई। 2019 में 231 मामले दर्ज किए गए। महिलाओं पर 418 अपराधिक मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि सालभर पुलिस ने कड़ी मेहनत कर अपराधों पर अंकुश लगाने की कोशिश की।