छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव पर टीकी कद्दावर नेताओं की नजरें

ये हैं राज्यसभा के लिए छत्तीसगढ़ से दावेदार

रायपुर | राज्यसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होते ही छत्तीसगढ़ में 5 सीटों में से 2 सीटों पर होने वाले चुनाव पर सभी की निगाहें टिकी हुई है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सत्ता है, और ये चुनाव सदस्यों के संख्या बल के आधार पर ही होता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की खाली दोनो ही सीट पर कांग्रेस का कब्ज़ा होना लगभग तय माना जा रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश के दो राज्यसभा सीटें इस साल 9 अप्रेल को खाली हो रही है। उनमें से एक सीट पर भाजपा के रणविजय प्रताप सिंह जूदेव और दूसरे सीट पर मोतीलाल वोरा राज्यसभा सदस्य है। इधर इस बार छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेष और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार होने के कारण राज्यसभा में भी भाजपा की ताकत घटने के आसार हैं।

ये हो सकते है कांग्रेस के उम्मीदवार
दिग्विजय सिंह – छत्तीसगढ़ में राज्यसभा के दो सीटों पर चुनाव होगा। जिसके लिए अंदरूनी सियासी उठापटक जारी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह की सदस्यता खत्म होने वाली है। इसलिए दिग्गी राजा को छत्तीसगढ़ से राज्यसभा भेजने की तैयारी है। इसके पिछे सीएम भूपेश बघेल की प्रबल इच्छा मानी जा रही है, क्योंकि भूपेश दिग्गी राजा को अपना राजनीतिक गुरू मानते है, तो इसे गुरूदक्षिणा कहा जा सकता है।

करूणा शुक्ला- वहीं भाजपा से कांग्रेस मे शामिल हुई करूणा शुक्ला का नाम भी काफी तेजी से उभर रहा है। करूणा को तेजतर्रार नेत्री माना जाता है साथ ही उनको कांग्रेस प्रवेश के बाद कोई विशेष पद भी नही दिया गया है। ऐसे में उन पर भी ध्यान रखा जा रहा है।

रूचिर गर्ग-वहीं एक नाम ऐसा है जो पत्रकारिता को छोड़कर राजनीति में कदम रखा है वो हैं रूचिर गर्ग। सूत्रों की माने तो रूचिर गर्ग का नाम भी बड़े जोशो-खरोश के साथ उछला है। रूचिर की पैठ सामाजिक तौर पर काफी अच्छी मानी जाती है। अब तो वे पुरी तरह से राजनीति मे भी समर्पित हो गए हैै। ऐसे में रूचिर के नाम की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।

गिरिश देवांगन-इसके साथ ही कांग्रेस में संगठन का प्रभार कई वर्षों से देख रहे गिरिश देवांगन भी राज्यसभा जाने की दौड़ मे शामिल है। गिरिश स्वंय एक किसान है और दुसरी उनकी सीएम भूपेश के साथ भी अच्छी पैठ है।

नाम आलाकमान के हाथ
कांग्रेस मे राज्यसभा के दो सिटों की फेहरिश्त मे इन चार नमो के अलावा और भी नाम है जो ऊपर तक पहुँच लगाए हुए हैं। लेकिन संगठन में कोई अभी तक साफ तौर पर किसी का नाम नही बोल रहा है। प्रदेश के मंत्रियों से जब नामों पर चर्चा की गई तो वे आलाकमान पर सारा पल्ला झााड़कर बचते नजर आए।
प्रदेश के दो कैबिनेट मंत्री डाॅ.शिव कुमार डाहरिया और अमरजीत भगत ने कहा की कांग्रेस में इन दो सीटों के लिए दिल्ली से ही नाम तय होगा। इसमें कोई दो राय नहीं है। आलाकमान जिस नाम पर मुहर लगाएंगे उस पर सभी की हामी होगी।

भाजपा की कोई तैयारी नहीं
इधर इस बार छत्तीसगढ़ में सत्ता से बाहर भाजपा ने प्रदेश के राज्यसभा चुनाव को लेकर अभी तक कोई खासी तैयारी शुरू नही किया है। विधानसभा मे कांग्रेस का प्रचण्ड बहुमत होने के कारण भाजपा बैकफुट पर है। हालाकि नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि संख्या बल पर ये चुनाव होती है, ऐसे में तैयारी विशेष नही हुई है।लेकिन उन्होंने ने भी इस मसले को अपने वरिष्ठों पर डाल दिया है।

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