आरक्षण : कोरिया में ओबीसी का रैली-प्रदर्शन

आरक्षण की मांग को लेकर किया आंदोलन

बैकुंठपुर। आरक्षण की मांग को लेकर पिछड़ा वर्ग ने एक दिवसीय आंदोलन के तहत रैली निकाली और धरना प्रदर्शन कर आक्षरण की मांग की। ओबीसी समाज 13 नवंबर को प्रदेश बंद का आह्वान किया था। समाज का कहना है कि आबादी के अनुपात में आरक्षण हमारा अधिकार है। सरकार ने इस भावना का सम्मान करते हुए 27 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा भी की, लेकिन कुछ वर्गों को यह फैसला पसंद नहीं आया। वे हाईकोर्ट चले गए और पिछड़ा वर्ग की सालों पुरानी मांग कोर्ट के स्टे की वजह से पूरी होते-होते रह गई।


जानकारी के अनुसार प्रेमाबाग मैदान में आंदोलन पर बैठे ओबीसी समाज के लोगों ने कहा कि हमारे साथ नाइंसाफी हुई है। मांग अन्य राज्यों की तरह पिछड़ा वर्ग को आबादी के अनुपात में आरक्षण की है। यह सही भी है। कुछ प्रभावशाली जातियां इसका विरोध कर रही हैं। पिछड़ा वर्ग के आरक्षण पर रोक का हम पुरजोर विरोध करते हैं। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने अभी यह कहकर मोहलत ली है कि पूरे मामले में उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है। हालांकि, राज्य सरकार अब भी इस मामले में अध्ययन कर रही है।

              जब कर्नाटक में सरकार ऐसा कर सकती है तो छत्तीसगढ़ की सरकार क्यों नहीं कर सकती है ? पिछड़ा वर्ग आरक्षण में पहले ही क्रीमी लेयर का प्रावधान है तो फिर 27% का स्टे की बात ही क्यों की जा रही है। कुछ राजनैतिक ताकतें पिछड़े वर्ग में झगड़ा कराना चाहती हैं। किसी का सियासी मंसूबा हो सकता है कि पिछड़े वर्ग को आरक्षण का लाभ न मिलें। आंदोलन में ओबीसी समाज में आने वाले जिले भर से आए प्रतिनिधि के साथ लोग उपस्थित रहे।