राजधानी में संस्कृत भारती संगठन ने किया संस्कृत सप्ताह का आयोजन

संस्कृत सप्ताह और संस्कृत दिवस पर होंगे 06 अगस्त तक ऑनलाइन विविध आयोजन

रायपुर | वर्ष 1969 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के आदेश से केंद्रीय तथा राज्य स्तर पर संस्कृत दिवस मनाने का निर्देश हुआ, तब से पूरे देश मे रक्षाबंधन अर्थात् श्रावणी पूर्णिमा को संस्कृत दिवस मनाया जाता है। भारत सहित कई देशों मे श्रावण पूर्णिमा के दिन ही संस्कृत दिवस के रूप मे मनाया जाता है। हमारे ऋषि ही संस्कृत साहित्य के आदि श्रोत है इसलिए श्रावणी पूर्णिमा को ही ऋषि पर्व और संस्कृत दिवस के रूप मे मनाया जाता है।

वर्ष 2001 मे तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी जी की पहल से संस्कृत वर्ष मनाया गया और संस्कृत सप्ताह मनाया जाना प्रारंभ हुआ। संस्कृत सप्ताह रक्षाबंधन श्रावणी पूर्णिमा के तीन दिन पहले और तीन दिन बाद तक मनाया जाता है और रक्षाबंधन को संस्कृत दिवस मनाया जाता है।

संस्कृत प्रचार प्रमुख पं.चंद्रभूषण शुक्ला ने बताया की इस बार 31 जुलाई से लेकर 6 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह आयोजित की गयी है। संस्कृत भारती नामक संगठन जो एक अखिल भारतीय संगठन है जिसका मुख्य उद्धेश्य संस्कृत भाषा के प्रचार, प्रसार और संस्कृत की महत्ता को अक्षुण्ण बनाये रखना तथा संस्कृत मे वार्तालाप के साथ देश सेवा करना है। संगठन के द्वारा हर वर्ष संस्कृत सप्ताह मनाया जाना प्रारंभ हुआ और संस्कृत में विभिन्न कार्यक्रम किया जाने लगा। पं. चंद्रभूषण शुक्ला ने बताया की संस्कृत सप्ताह शुरू होने के पहले राफेल विमानों का स्वागत प्रधानमंत्री मोदी जी ने संस्कृत के श्लोक से ट्वीट करते हुए किया है ये पूरे भारत वासियों के लिए बहुत ही हर्ष की बात है। इस साल कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन होने से संस्कृत सप्ताह और संस्कृत दिवस online मनाये जाना तय किया गया है। जिसमें सभी आयोजन आनलाइन तथा सोशल मीडिया के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर निर्धारित है।

प्रांत मंत्री डॉ. दादूभाई त्रिपाठी ने बताया की वर्ष 2000 मे छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 25 मार्च 2003 को छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम (संस्कृत बोर्ड) की स्थापना हुई। उसके बाद सन् 2003 से संस्कृत सप्ताह संस्कृत भारती संगठन छत्तीसगढम्, एवं संस्कृत विद्या मंडलम् मिलकर हर वर्ष संस्कृत सप्ताह मनाने लगा। साथ ही अन्य शिक्षणसंस्थाओं के द्वारा भी पूरे छत्तीसगढ़ में संस्कृत सप्ताह मनाया जाता है। सभी शासकीय विद्यालय, महाविद्यालयों में तथा सामाजिक स्तर में सात दिन तक अलग-अलग कार्यक्रम जैसे विद्वद्गोष्ठी, श्लोक प्रतियोगिता, संस्कृतभाषण प्रतियोगिता, वीथी नाटक , संस्कृतं भाषण शिविर, रैली, संस्कृत प्रदर्शनी आदि का विविध आयोजन किए जाते हैं।

सरगुजा में भाषण और श्लोक प्रतियोगिता है, महासमुन्द में संभाषण शिविर, रायपुर में आनलाइन विद्वद्गोष्ठी, संस्कृत पर व्याख्यान आदि कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। जिसमें संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. सतेंद्र सिंह सेंगर, प्रांतमंत्री डॉ. दादूभाई त्रिपाठी, शिक्षण प्रमुख डॉ. लक्ष्मीकांत पंडा, प्रचार प्रमुख पं. चंद्रभूषण शुक्ला, हेमंत साहू संपर्क प्रमुख रायपुर से तथा बिलासपुर से सहप्रांत अध्यक्ष डॉ. राजकुमार तिवारी, सह प्रांत मंत्री डॉ. गोपेश तिवारी, दुर्गेश तिवारी, महासमुंद से प्रफुल्ल त्रिपाठी, सरगुजा से राजेश भगत सहित पूरे छत्तीसगढ़ के अलग अलग जिलों से प्रमुख कार्यकर्ता एवं संस्कृत महाविद्यालय के छात्र तथा विद्यामंडलम से एवं अन्य संस्कृत के विद्वान भाग लेंगे।