छत्तीसगढ़ : साजा पहाड़ पर बने एडवेंचर पार्क, बच जाएंगे करोड़ों

नागरिक मंच मनेन्द्रगढ़ ने दिया स्थल चयन का सुझाव

चंद्रकांत पारगीर

कोरिया। सरगुजा संभाग के कोरिया जिले के चिरमिरी के रिजर्व फारेस्ट और माईनिंग झोन में बनने वाले एडवेंचर पार्क के स्थल चयन पर तो सवाल खड़ा हो ही रहा है। वहीं आम नागरिक मंच मनेंद्रगढ़ का कहना है कि एडवेंचर पार्क का निर्माण राजनीतिक दबाव या व्यक्तिगत स्वार्थ से उठकर जनहित की दृष्टि से हो।

मंच ने इस पार्क को मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी के बीच पड़ने वाले सुंदरवनों से अच्छादित साजा पहाड़ पर बनाएं जाने का सुझाव दिया है जिससे पर्यटन की दृष्टि से लाभ छत्तीसगढ़ के साथ मध्यप्रदेश के लोग भी उठा सकेंगे। वह भी काफी कम लागत में। इधर, डीएमएफ से मिले एक करोड़ की राशि खर्च करने की जल्दबाजी पर ब्रेक लग गया है।

डीएमएफ के तहत चिरमिरी के जिस एडवेंचर पार्क को लेकर चर्चे तेज हैं। इस बीच जनहित एवं सेवाभावी कार्यों के लिए समर्पित संस्था आम नागरिक मंच मनेंद्रगढ़ का इस संबंध में कहना है कि एडवेंचर पार्क का निर्माण राजनीतिक दबाव या व्यक्तिगत स्वार्थ से उठकर जनहित की दृष्टि से होना चाहिए। इस विषय पर वर्तमान में प्रस्तावित भूमि, भंडारदेई या इसके आसपास के क्षेत्रों को कतई उचित नहीं कहा जा सकता।

जिन विषयों व कार्यों को समाहित करते हुए राज्य शासन व प्रशासन द्वारा लगभग 40 से 50 करोड़ का प्रावधान कर एडवेन्चर झोन व अन्य कार्यों के लिए इन स्थलों को प्रस्तावित किया जा रहा है। इसे कतई उचित नहीं कहा जा सकता है बल्कि उस स्थल पर इसे फिजूलखर्ची या शासन का अपव्यय कहना ही उचित होगा।

उल्लेखनीय है कि वैसे पार्क की योजना पूर्व महापौर ने भी बनाई थी, उस दौर मे एडवेंचर पार्क के प्रस्ताव की शुरुआत हुई थी जो कई कारणों से अंतिम दौर तक नहीं पहुंच पाई और योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

कम लागत में बन सकता है साजापहाड़ में पार्क

आम नागरिक मंच मनेंद्रगढ़ के प्रस्ताव की बात करे तो मनेन्द्रगढ और चिरमिरी के बीच प्राकृतिक सुंदरता समेटे साजापहाड़ स्थित है, इसके रास्ते से आने जाने पर प्रकृति के सुंदर नजारे देखते ही बनते है।

यह वन क्षेत्र होने के साथ यहां छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की 100 एकड़ भूमि के साथ एसईसीएल की भी भूमि है। यहां पूर्व निजी मालिक थापर ग्रुप द्वारा बनाया गया भव्य जलाशय भी स्थित है, जिसकी अभी भी उपयोगिता महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि प्रशासन और वन विभाग इस स्थल का चयन कर एडवेंचर पार्क का निर्माण करता है तो यह जिले का ही नहीं प्रदेश का खूबसूरत पार्क बन सकता है, और यह काफी कम लागत पर बन सकता है, जिससे डीएमएफ के लगभग 35-40 करोजड़ बच सकते है।

यह क्षेत्र नैसर्गिक रूप से प्राकृतिक खूबसूरती व विहंगम दृश्यों को जहां अपने में समेटे हुए है। वहीं ,इस एडवेंचर पार्क का निर्माण यहां होने से अपने अस्तित्व से संघर्ष कर रहे चिरमिरी के साथ-साथ मनेंद्रगढ़ को पर्यटन व व्यवसाय की दृष्टि से काफी राहत व मदद मिल सकेगी।

साथ ही बहुत कम लागत में यदि सही रूप से बिना भ्रष्टाचार के यहां पर सही निविदा करके कार्य कराया जाए तो स्थापित होने वाला एडवेंचर जोन ऑक्सीजन पार्क ट्रैकिंग व पैराग्लाइडिंग प्रदेश में नहीं बल्कि देश में अपना अहम स्थान स्थापित कर सकता है।

साथ ही चिरमिरी और मनेन्द्रगढ़ के मध्य होने से दोनों शहरो को इसका लाभ मिलेगा, साथ मप्र के लोग भी पर्यटन को लेकर इस ओर आकर्षित होंगे। दूसरी ओर कमजोर होते चिरमिरी और मनेन्द्रगढ़ को काफी बड़ी राहत मिलेगी।

रसूखदारों की है भूमि

जानकारों की मानें तो वर्तमान में जिस स्थल पर एडवेंचर पार्क बनाया जाने की तैयारी है। उसके आसपास कई रसूखदारों की निजी भूमि है। यदि इसका निर्माण होता है तो सीधा फायदा ऐसे रसूखदारों को होगा और आने वाले उनकी भूमि के दाम बढ़ने की शंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।

उड़ती खबरें

एडवेंचर पार्क को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक खबर यह भी उड़ रही है। कलेक्टर द्वारा दिए गए 1 करोड़ को खर्च करने का दबाव राजनीतिक रूप से पड़ने लगा है। वैसे मीडिया में खबर आने के बाद इस पर ब्रेक लगता से दिख रहा है।

उड़ती खबर यह भी है कि 15 से 20 करोड़ का प्रस्ताव भी बनाकर राज्य शासन को भेज दिया गया है ताकि फटाफट इस पर कार्य शुरू हो सके।

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