बलरामपुरः हांका कर नीलगाय का शिकार, 22 गिरफ्तार, मांस-बंदूकें जब्त

सेमरसोत अभ्यारण्य से लगा हुआ है यह इलाका

चंद्रकांत पारगीर, बलरामपुर। सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले में पेशेवर शिकारियों ने हांका डालकर नीलगाय का शिकार किया। शिकारियों से मांस, और भरमार बंदूकें बरामद की गई हैं। वन अमले ने 22  आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में जांच जारी है  और भी खुलासे होने की संभावना है।

इस संबंध में बलरामपुर डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने बताया कि हमारा वनमंडल सेमरसोत अभ्यारण्य से लगा हुआ है।यही कारण है वन्य जीवों के शिकार के लिए शिकारी इस ओर रूख करते हैं। इस कार्यवाही में बडे पेशेवर शिकारियों को पकडा गया है। अभी तक 5 भरमार बंदूक बरामद की गई है। 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज रिमांड पर लिया गया है। अभी पूछताछ में और भी आरोपी बढ सकते है। इनके खिलाफ कडी से कडी ऐसी कार्यवाही होगी, कि भविष्य में लोग शिकार करने से बाज आएंगे।

जानकारी के अनुसार 2 अगस्त की रात वन विभाग को  सूचना मिली कि ग्राम पुटसरा बसकेपी के ग्रामीणों द्वारा बीट के कक्ष क्रमांक 3183 में वन्यपाणी नीलगाय का  शिकार किया गया। बताया गया कि नीलगाय को हांका करके लाकर भरमार बंदूक से मारा गया है। उसके मांस का बांट कर खा लिया गया है।

सूचना के बाद परिक्षेत्राधिकारी चांदो के साथ चांदो और बलरामपुर परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची। मौका स्थल का मुआयना करने पर कक्ष क्रमांक पी 3183 पर बहुत ज्यादा खून पडा मिला, आसपास तलाशी करने पर नीलगाय की पूंछ, के साथ काफी मात्रा में मांस बरामद किया।

मुख्य आरोपी की पहले खोजबीन शुरू की गई, जिसमें भोला  को पकड कर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उसने बताया कि उसके साथ नील गाय को मारने में 25 से 30 व्यक्ति शामिल है। जिसमें लोहमा,जोखू, पवन, हीरा ने अपनी अपनी बंदूक से जंगल में छिप कर नीलगाय का शिकार किया।

आरोपी ने बताया कि नीलगाय को मारकर उसके मांस को काट कर ले गए है, और अपने अपने घर में उसे पका रहे है, आरोपियों की निशानदेही पर वन विभाग की टीम उन आरोपियों के पास पहुंची जो मांस पका कर खाने की तैयारी में थे। जिसके बाद 17 आरोपियों को मांस के साथ पकडा और उनके पास से मांस बरामद किया। जिन बर्तन में मांस को पका रहे थे उसे भी टीम से जब्त कर लिया। दूसरे दिन सभी 22 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से 18 अगस्त तक न्यायिक रिमांड मंजूर कर जेल वारट जारी किया गया।