सरगुजा के जंगलों में हथिनियों की मौत का सिलसिला,48 घंटे में तीसरी मौत

जांच के लिए पहुंच रही विशेषज्ञों की टीम

चंद्रकांत पारगीर, बलरामपुर। सरगुजा वन वृत के सूरजपुर जिले के बाद अब बलरामपुर जिले में एक हाथिनी का शव मिलने से सनसनी फैल गयी है। बीते 48 घंटे के भीतर ये तीसरी हथिनी की मौत का मामला है। हैरानी की बात यह कि ये सभी मौतें एक ही समूह प्यारे ग्रुप के हिथिनियों की हैं।

दूसरी ओर कल हुई हाथिनी की मौत को लेकर रायपुर से विशेषज्ञों व डॉक्टरों की टीम पहुंची, परन्तु हाथियों द्वारा शव को घेर लिए जाने से उसका पीएम नहीं हो सका था। वहीं मामले को लेकर वन विभाग की टीम के साथ विशेषज्ञों की टीम राजपुर पहुंचने वाली है।

मामला सबसे पहला 9 जून की सुबह प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के गणेशपुर बांध के पास हथिनी का शव मिलने के बाद सामने आया, उसकी प्रसव पीड़ा से तड़पकर मौत हो गई थी। जबकि 24 घंटे बाद ही इसी स्थान पर दूसरी हथिनी का शव मिला। जिसका पीएम नहीं हो सका।

इसी बीच बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत गोपालपुर व अतौरी सर्किल के दरबारी महुआ वनक्षेत्र में एक और हथिनी का शव मिला है। यह क्षेत्र सुरजपुर वन मंडल के प्रतापपुर परिक्षेत्र से लगा हुआ है।

साजिश तो नहीं

48 घंटे के भीतर 3 हथिनियों का शव मिलने से शासन-प्रशासन में हडकंप मचा हुआ है। लगातार मौत होने से लोग भी हैरान है। लोगों का कहना है कि अचानक एक के बाद एक हथिनियों की मौत की आखिर वजह क्या है कही ये कोई साजिश तो नहीं है।

डटे वन विभाग के विशेषज्ञ

उधर प्रतापपुर मे डटे वन विभाग के विशेषज्ञ और आला अधिकारियों को राजपुर में मौत की खबर मिलते ही सकते में आ गए, इससे पहले वो कल हुई हाथिनी की मौत पर पीएम की तैयारी कर रहे थे, अब वे राजपुर की ओर निकल चुके हैं।

प्यारे ग्रुप में ही हो रही है मौतें

प्रतापपुर परिक्षेत्र में विचरण करने वालर प्यारे ग्रुप तीन चार दिन पहले गणेशपुर से राजपुर गया था, और फिर वापस प्रतापपुर लौटा था, इसी ग्रुप से अब तक तीन हाथिनियों की मौत हो चुकी है। चूंकि गणेशपुर से लगा हुआ ही राजपुर का क्षेत्र है, अनुामन लगाया जा रहा है कि इस हाथिनी की मौत एक दो दिन पूर्व की बताई जा रही है।