कोरियाः सोनहत में मनरेगा बोल्डर चेकडेम घोटाला

शपथ पत्र दे संभागायुक्त, कलेक्टर और एसडीएम से शिकायत

चंद्रकांत पारगीर, बैकुंठपुर  सरगुजा संभाग के कोरिया जिले के सोनहत जनपद में मनरेगा के तहत बोल्डर चेकडेम घोटाला सामने आया है। ग्रामीणों की मानें तो पूर्व सरपंच ने केवल कागजों में ही इस बांध को पूर्ण करवाया है। हकीकत तो यह है कि ना मटेरियल आया और ना काम हुआ, परन्तु मटेरियल का भुगतान सोनहत जनपद  से हो गया। अब इस मामले में सरंपच सहित 3 पूर्व और वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों ने शपथ पत्र देकर कार्यवाही की मांग की है। मामले की शिकायत संभागायुक्त, कलेक्टर और एसडीएम सोनहत को की गई है।

इस संबंध में नवपदस्थ सोनहत एसडीएम नयनतारा सिंह तोमर

का कहना है कि शिकायत आई है, जांच कराई जाएगी।

जानकारी के अनुसार सोनहत जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत चकडांड में वर्ष 2019-0 में अलग अलग बोल्डर चेक डेम के लगभग 20 लाख के कार्य स्वीकृत किए गए। पंचायत चुनाव के बाद नए सरपंच के कार्यभार संभाला, बोल्डर चेकडेम के कार्य में राशि बची हुई थी, उसे विजय कुमार साहू के नाम से मटेरियल भुगतान बताकर 4 लाख 41 हजार रू की राशि निकाल ली गई।

मामले की जानकारी पूर्व सरपंच तीरथ को लगी, उन्होने मामले की शिकायत संभागायुक्त से लेकर कलेक्टर और एसडीएम से की। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि जनपद के अधिकारी द्वारा जिस व्यक्ति के नाम से मटेरियल की राशि बता कर राशि निकाली गई, उसके द्वारा किसी भी प्रकार का मटेरियल दिया ही नहीं, पूरा कार्य उनके कार्यकाल में पूर्ण हुआ। मजदूरी का भुगतान मजदूरों के खाते में पहुंच गया था।

राशि बचे होने का कारण यह था कि बोल्डर चेक डेम में परिवहन और बोल्डर के नाम पर राशि व्यय होना था, परन्तु बोल्डर उसी स्थान पर मिल गया जहां कार्य किया गया, ऐसे में ना तो मटेरियल लगा और ना ही परिवहन किया गया। उन्होंने बताया कि इस तरह के मनरेगा के कार्यो को पूर्ण बताकर राशि निकाले जाने का काम बीते 10 माह से जारी है।

दिए शपथ पत्र

शिकायत के बाद ग्राम पंचायत चकडांड के पूर्व पंच पार्वति पति मंगलसाय पंडो, वर्तमान पंच संपत पिता धर्मपाल, वर्तमान पंच केशकुंवर पति विजय सिंह और पूर्व सरपंच तीरथ सिह ने बकायदा अपने बयान शपथ पत्र में नोटरी करवाकर अधिकारियों को सौपा है, ताकि मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास विफल हो सके। सभी का कहना है ये सिर्फ एक ग्राम पंचायत का मामला है यदि सही जांच हो तो चेकडेम के साथ छोटे छोटे मनरेगा के कार्यो की बची राशि का फर्जी आहरण सोनहत में आम बात हो चुकी है।

काम हुआ ही नहीं

बोल्डर चेकडेम की शिकायत में यह बात सामने आई है कि इस्टीमेट में जो काम होना था वह हुआ ही नहीं। सरकार बदलने के बाद लगातार चुनाव होते रहे।वहीं अचानक सरपंच के बदले जाने के बाद राशि का अहारण कर लिया गया, जबकि कार्य पूरा हुआ ही नहीं।

सितंबर 2019 को स्वीकृत हुए इन कार्यो को ग्राम पंचायत चकडांड के कुछ स्थानों पर इन बोल्ड चेकडैम का निर्माण किया जाना था। जानकारी के अनुसार सोनहत के ऐसे कई ग्राम पंचायत ऐसे है जहां मनरेगा के तहत कार्यो की बची राशि का आहरण कर लिया गया है, कई मामलों की जानकारी पूर्व सरपंचों को भी है, परन्तु कई तरह जांच के कारण वो सामने नहीं आ रहे है।

मनेरगा की जांच में लापरवाही

ग्रामीणों की मानें तो जिला पंचायत के द्वारा मनरेगा में जांच में लापरवाही कोई नई बात नहीं है, आए दिन मिल रही शिकायतों को  जांच टीम से  रफा दफा करवा दिया जाता है। कुछ सरपंचों की मानें तो जांच टीम कुछ चिन्हीत लोगों से शिकायत करवाती है बाद में सेटिंग करा मामले को रफा दफा कर दिया जाता है। इस मामले में पूर्व सरंपच का कहना है कि यदि जिला पंचायत की टीम जांच में आएगी तो वो पूरे मामले को एकदम दुरूस्त बता मामले को रफा दफा कर देगी, इसलिए उन्होनें संभागयुक्त से बाहर से टीम भेज का जांच की मांग की है।

डिजीटल सिग्नेचर से होता है भुगतान

मनरेगा का भुगतान जनपद पंचायत सीईओ के डिजीटल सिग्नेचर से किया जाता है, ऐसे में इतनी बड़ी राशि बिना कार्य के निकाले जाने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर राशि निकाले जाने के पूर्व निर्माण स्थल का भौतिक सत्यापन और मूल्यांकन कैसे हो गया और राशि भी आसानी से निकाल ली गई।