कोरिया:अब जगतपुर बांध टूटने के कगार पर, एक दर्जन सीपेज

प्रभारी इंजीनियर ने ईएंडएम विभाग को गेटों की मरम्मत के लिए पत्र लिखा

चंद्रकांत पारगीर, बैकुंठपुर। कोरिया के खाडा जलाशय के फूटने के बाद अब जल संसाधन विभाग की लापरवाही के कारण जगतपुर बांध भी टूटने के कगार पर है, ऐसा विभाग प्रभारी इंजीनियर खुद लिख रहे है। वो कह रहे है कि अभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। ऐसे में एसडीओं और इंजीनियरों को ईएंडएम विभाग की याद आने लगी है, अब बंद पड़े गेटों से बांध के फूटने का डर उन्हें सताने लगा है|

ईएंडएम विभाग को पूर्ण रूप से भरे बांधों के गेटों को बनाने की गुहार लगा रहे है। सवाल यह है कि लबालब पानी से भरे बांध के अंदर जाकर ईएंडएम विभाग गेटों की मरम्मत कैसे करेगा, जबकि जल संसाधन विभाग के एसडीओ और इंजीनियर गर्मी में गेटों को दुरूस्त करने की कोई पहल नहीं की है।

जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर तहसील के जगतपुर बांध को लेकर प्रभारी इंजीनियर श्री निराला ने ईएंडएम विभाग को पत्र लिखकर बांध के गेटों को ठीक करने को कहा है, यह पत्र 25 सितंबर 2020 को लिखा गया है, पत्र में यह बताया कि बांध में 12 स्थानों से पानी सीपेज करते हुए बांध को तोडने की कोशिश कर रहा है। 12 स्थानों से तुर्रे की तरह पानी बाहर आ रहा है।

पत्र में यह तक कहा कि है कि कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है। उनका साफ कहना है कि गेट को तत्काल सुधार कर दें ताकि किसी भी तरह से उसमे भरे पानी को खाली कर बांध को बचाया जा सके।

पत्र में 31 अगस्त 2020 के पत्र का भी जिक्र किया गया है। अब दोनों पत्रों के समय पर यदि गौर किया जाए, तो इस वर्ष जून से अगस्त तक काफी बारिश हुई थी और 31 अगस्त 2020 के पूर्व ही ही बांध पूर्ण रूप से भर चुका था, और तभी से बांध 12 स्थानों से सीपेज कर बांध को तोडने की कोशिश कर रहा है|

लेकिन खाडा जलाशय के टूटने देखें विडिओ  https://www.youtube.com/watch?v=xzHWVEFffNI&feature=emb_titleके बाद 24 सितंबर 2020 को कार्यपालन अभियंता और एसडीओं को राज्य शासन द्वारा निलंबित किए https://deshtv.in/chhattisgarh/sarguja-divison/koria/korea-khada-reservoir-erupts-several-acres-of-crop-wasted-threat-to-silfotwa/   जाने के बाद उपअभियंता श्री निराला की नींद टूटी और पानी से भरे बांध को बचाने ईएंडएम विभाग से गुहार लगाने पहुंच गए। अब यह देखना होगा कि जलाशय में अथाह पानी के अंदर ईएंडएम क्या करिश्मा करता है।

रजौली में हर साल नया गेट
जल संसाधन विभाग के बनाए गए सभी बांधां के गेट मरम्मत का कार्य स्वयं विभाग कर रहा है, बांध के रखरखाव और गेटों के सुधार कार्य के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रू का आंबटन किया जाता है, यही कारण है कि सोनहत के रजौली बांध का गेट विभाग हर वर्ष बदलता रहता है और गेट हमेशा खराब हो जाता है।

क्या है गेट को बनाने की प्रक्रिया
बरसात में बांध के पानी से भर जाने के बाद किसानों को सिचाई के लिए नहर से खरीफ और रबी की फसल के लिए जल प्रदाय किया जाता है जिससे बांध का जल स्तर गेट से नीचे चला जाता है। पानी से गेट के बाहर आ जाने के बाद ईंएंडएम के इंजिनियरों द्वारा बांध के गेट के फिटनेस को चेक किया जाता है, या आई हुई खराबी को दूर किया जाता है, और अगले मानसून के लिए तैयार किया जाता है। इस कार्य के लिए जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अधिकारी द्वारा ईएंडएम को निर्देशित किया जाता है, क्योंकि बांध जल संसाधन विभाग के होते है और उसके राशि भी जल संसाधन विभाग द्वारा की ईएंडएम को प्रदाय की जाती है।

संबंधित पोस्ट

कोरिया : मनरेगा रोजगार से मिली 15 हजार नये श्रमिकों को मदद

सरगुजा : पत्नी की प्रेमी संग प्रताड़ना से तंग पति ने फांसी लगा ली

कोरिया: पति के पास लौट रही प्रेमिका से नाराज प्रेमी ने उसके बेटे की हत्या कर दी  

कोरिया : खड़गवां में हाथियों ने मकान तोड़े, मवेशी मारे, कई एकड़ फसल तबाह

दुर्गा पूजा देखने मंदिर गई बालिका का अपहरण कर गैंगरेप, 4 गिरफ्तार

कोरिया:निलंबित कार्यपालन यंत्री के कथित पत्र से जलसंसाधन विभाग में हड़कम्प

कोरिया: वन अधिकार कानून के जरिए मिली जमीन से आत्मनिर्भर की ओर ग्रामीण

कोरिया : खाडा बांध फूटने के बाद, यह है कार्रवाई की कहानी

कोरिया :खाडा जलाशय फूटा, कई एकड़ फसल बर्बाद, सिलफोटवा पर खतरा

कोरियाः जंगली भालू के हमले में युवक घायल, अस्पताल दाखिल

दैहिक शोषणः नाबालिग प्रसूताओं में एक की मौत, दूसरे का नवजात गंभीर

कोरियाः गुफा का पत्थर गिरा, डेरा डाले मादा भालू की शावक संग मौत