कोरियाः मरणासन्न गाय जिला कांग्रेस अध्यक्ष की निकली, टैग ने खोला राज, तब ले गए

नेताओं का है यह हाल, उधर सरकार कर रही गौ वंश को बचाने तरह तरह की योजनाएं

चंद्रकांत पारगीर, बैकुंठपुर। जहां एक ओर कांग्रेस की सरकार गौ वंश को बचाने के लिए तरह-तरह की योजनाएं ला रही है, गोठान के बाद अब सरकार गोबर खरीदने की तैयारी में है, रोका-छेका चल रहा है। वहीं कांग्रेस के जिला अध्यक्ष की गाय अपने बछडे के साथ तीन दिन से पानी में भींगकर मरणासन्न हालत में पाई गई। गौ रक्षक अनुराग दुबे ने उसका इलाज करवाया और उसे अपने घर स्थित घुमंतु गायों के लिए बने आश्रय में रखकर उसके मालिक की खोज शुरू की।

गाय के कान में लगे टैग से यह बात सामने आई कि गाय कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नजीर अजहर की है, पहले तो उन्होंने उसे अपना मानने से इंकार कर दिया, बाद में जब सोशल मीडिया में खबर फैली तो पिकअप भेज कर गाय को अपने घर ले गए।

दरअसल, आवारा गाय, बैल के बीमार पडने या असमय मौत हो जाने को लेकर गौ रक्षक अनुराग दुबे और उनकी टीम को जाना जाता है। आए दिन श्री दुबे की टीम ऐसे मवेशियों का इलाज करवाते है उनके मालिक की खोज कर उन्हें सौप देते, नहीं लेने पर खुद के घर में बनाए गोठान में रखकर उसकी सेवा करते है।

बात 26 जून की है, गौ रक्षक अनुराग दुबे के अनुसार उन्हें सूचना मिली कि एक गाय अपने बछडे के साथ रामपुर कालोनी मे मरणासन्न हालत में पडी है, मौके पर पहुंचने से पता चला कि तीन दिन से लगातार बारिश में पड़े रहने से वो उठ नहीं पा रही है, मौके पर पशु चिकित्सक को बुलाकर इलाज कराया और उसे अपने घर ले आया, जहां गाय और उसका बछडा दोनों स्वस्थ्य हो गए।

वे कहतोे हैं- मुझे जैसा पता चला कि गाय कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नजीर अजहर की है, मैंने उनसे गाय के संबंध में पूछा तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया, जिसके बाद मैंने गाय के कान पर लगे टैग के आधार पर जानकारी निकाली तो गाय उनके ही नाम पर है यह बात सामने आई। गाय की पूरी जानकारी हासिल हुई।

इसके पहले मैंने श्री अजहर को इस गाय के संबंध में बताया, परन्तु उन्हँने कहा कि उनकी सभी गाय  बंधी रहती है, परन्तु जब उन्होने गाय में लगे टैग की जानकारी कम्प्यूटर से निकाली तो हैरान रह गए, उन्होंने मामले की जानकारी कई व्हाट्सअप ग्रुप में साझा की, जिसके बाद श्री अजहर पिकअप भेज कर गाय और बछड़े को अपने घर ले गए।