छत्तीसगढ़ के विधायक ने कोरोना संक्रमण बढ़ने पीएम मोदी को बताया ज़िम्मेदार

पूर्व विधायक ने कहा, मनमर्जी का खामियाजा भुगत रहे है

चंद्रकांत पारगीर, बैकुंठपुर। कोरिया के चिरमिरी में कोरोना पॉजिटिव केस सामने आने पर मनेन्द्रगढ विधायक विनय जायसवाल सोशल मीडिया में जबरदस्त ट्रोल हो गए। ज्यादातर लोग राजनीतिक दबाव के कारण चिरमिरी में कोरोना फैलने की बात कर रहे है।

वहीं कई तो विधायक प्रतिनिधि के द्वारा लॉक डाउन के समय क्रिकेट खेलने को लेकर एफआईआर करने की मांग कर रहे है। जिसके बाद फेसबुक लाइव का मामले की सफाई देने विधायक विनय जायसवाल सामने आए और बातों बातों में देश में कोरोना के केस बढने के लिए प्रधानमंत्री को ही इसके लिए जिम्मेदार बता डाला।

इधर, प्रशासन मरीज और दो लोगों पर एफआईआर दर्ज कर मामले में लपापोती करने में जुट गया है। वहीं मनेन्द्रगढ विघायक के फेसबुक पर लाइव पर पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सच्चाई को कबूल करते, अधिकारियों पर दबाव बनाया, आपकी मनमर्जी का खामियाजा आज चिरमिरी का हर वर्ग भुगतने को मजबूर है।

Vinay Jaiswal यांनी वर पोस्ट केले शनिवार, १६ मे, २०२०

चिरमिरी में निकले कोरोना पॉजिटिव को लेकर मनेन्द्रगढ विधायक ने विपक्ष को राजनीति नहंी करने की बात कही है, उन्होने कहा कि उन्होने उक्त मरीज से ना तो बाल कटवाए और ना ही सेविंग करवाई है।

उनका कहना है कि प्रशासन ने बढिया काम किया है। इधर, सोशल मीडिया मे मामले को लोग सीधे विधायक से जवाब मांग रहे है कि आखिर दूसरे राज्य जाने और आने की अनुमति कलेक्टर ने कैसे दे दी, और उस व्यक्ति को इतनी छूट कैसे मिल गई, जो ना सिर्फ विधायक प्रतिनिधि के साथ क्रिकेट खेल रहा है जबकि फतेहपुर से लाई सेंवई भी घर घर बेच रहा है।

हलांकि प्रशासन के पास इसका कोई जवाब नहीं है। दरअसल, लॉक डाउन के समय ऐसे दर्जनों मामले सामने आए है कि जिसमें दूसरे राज्य के लिए कलेक्टर ने अनुमति नहीं दी, ऐसा ही एक मामला सामने आया, जब एक युवक की माता का स्वर्गवास बनारस में हो गया और वो अपने दो साथियों के साथ रायपुर से बनारस पैदल निकल पडा,

प्रशासन ने बैकुंठपुर में उसे रोक पर मानस भवन में ठहराया, उसे बनारस जाने की अनुमति के लिए राज्य सरकार को लिखा 3 दिन बाद राज्य सरकार ने सिर्फ उसकी युवक को जाने की अनुमति प्रदान की, जिसकी मा का देहांत हुआ था, जबकि बचे दा युवकों को वापस रायपुर जाना पडा।

याद आए लॉक डाउन के नियम
पूरे लॉक डाउन के दौरान धारा 144 का उलंघ्घन हो या सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं करने वाले मनेन्द्रगढ विधायक फेसबुक लाइव पर यह कहते नजर आए कि लडाई लंबी है, हमे सोशल डिस्टेंस का पालन करना है।

दरअसल, देश में जब से लॉक डाउन लागू हुआ है, मनेन्द्रगढ विधायक ने इसे काफी हल्के में लिया, आए दिन उनकी सेाशल डिस्टेंस तोडते कई तस्वीरें अब सोशल मीडिया मे वायरल हो रही है। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के दौरे के दौरान भी उन्होने सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं किया था। मीडिया के सवाल के बाद भी सोशल डिस्टेंस और धारा 144 की अनदेखी की थी।

खुशी की बात है रेपिड टेस्ट नेगेटिव
मनेन्द्रगढ विधायक ने कहा कि प्रशासन के साथ मै और मेरी महापौर पत्नी ने कोरोना पॉजिटिव मामला सामने आते ही पूरे क्षेत्र को सील करवाया और खुशी की बात यह है कि जो सीधे संपर्क में थे ऐसे 57 लोगों केे रेपिड टेस्ट नेगेटिव आए है, तो हमें किसी भी प्रकार की चिंता नहीं करना है, ये हम सब के लिए सकारात्मक बात है।

गौरतलब है कि 28 अप्रेल 2020 को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने देवानीबांध में रखे 45 मजदूर और काम में लगे 5 लोगों के रेपिड टेेस्ट किया था, जिसमें सभी नेेगेटिव पाए गए थे, परन्तु पीसीआर जांच में 2 मजदूर पॉजिटिव मिले, उन्हें यहां से बाहर भेजने के बाद अभी तक लगभग 10 से ज्यादा मजदूर झारखंड के पलामू में पॉजिटिव पाए गए है।

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