कोरिया : 20 दिनों में 20 लाख से ज्यादा के धान जब्त

पटना खरीदी केंद्र में किसानों से भेदभाव की शिकायतें

चंद्रकांत पारगीर, बैकुंठपुर। सरगुजा संभाग के कोरिया जिले की धान खरीदी केन्द्र पटना में बीते 20 दिन में प्रशासन की टीम ने 1137 क्विंटल धान जब्त किया है, खरीदी सरकरी दर से इसकी कीमत 20 लाख रू से ज्यादा की आंकी जा रही है। वहीं शिकायत यह भी है कि कई समितियां सरकारी निर्देशों को दरकिनार कर सीमांत और लघु किसानों के धान खरीदी ना करके बड़े किसानों को महत्व दे रही है। जिसमें धौराटिकरा, सरभोका, छिंदडांड, सोनहत, जनकपुर, माडीसरई, गढवार, कोटाडोल, चैनपुर और केल्हारी सबसे आगे है।

इस संबंध में एसडीएम बैकुंठपुर पैकरा का कहना है कि हमें जैसे ही सूचना मिल रही है कड़ी कार्यवाही की जा रही है, सीमांत और लघु किसानों का धान लेने प्राथमिकता है, इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार अभी तक ज्यादातर समितियों में धान खरीदी का लक्ष्य 50 प्रतिशत का आंकड़ा भी पार नही कर पाया है। सिर्फ बरबसपुर समिति में कुल पंजीकृत किसानों द्वारा बेचे गये धान खरीदी का प्रतिशत 54 पहुंचा है। इसके अलावा अन्य सभी समितियों में धान खरीदी की धीमी रफ्तार है इसके कई कई कारणों से किसानों को समितियों में धान विक्रय करने के लिए मशक्कत करने के कारण समितियों द्वारा जिस गति से खरीदी की जानी चाहिए थी वैसा नही हुआ। जिस कारण कुल किसानों से खरीदी का प्रतिशत ज्यादा नही बढ़ा है। हालांकि इस दौरान कई समितियों में सीमांत व बडे कृषकों से कई समितियों में धान की खरीदी लघु कृषकों के मुकाबले ज्यादा हुई और लघु किसान धान विक्रय करने के प्रतिशत के मामले में थोड़ा पीछे रहे है। जबकि लघु कृषकों के द्वारा रकबा समर्पण करने में सीमांत व बड़े किसानों की तुलना में ज्यादा है। जानकारी के अनुसार जिले के समितियों में पटना समिति में रकबा समर्पण करने वालों किसानों की संख्या भी कही अधिक है।

जनकपुर में सबसे ज्यादा लापरवाही
कोरिया जिले के सभी समितियों में लगातार धान खरीदी जारी है वही अधिकृत मिली जानकारी के अनुसार जिले के 10 समिति ऐसे है जहां सीमांत कृषकों व बड़े कृषकों से सबसे ज्यादा धान की खरीदी की गयी। इनमें जनकपुर क्षेत्र की सभी समितियां सरकारी निर्देशों को दरकिनार कर खरीदी कर रहे है। जिन समितियों में सीमांत व बड़े कृषकों से धान की ज्यादा खरीदी की गयी उनमें धौराटिकरा, सरभोका, छिंदडॉड, सोनहत, जनकपुर, माडीसरई, कोटाडोल, गढवार, केल्हारी व खड़गवॉ समिति शामिल है। जिनमें छोटे किसान बड़े किसानों की तुलना में धान विक्रय करने में काफी पीछे है।

पटना में पकड़ाया सबसे ज्यादा धान
कोरिया जिले में जिला प्रशासन ने 25 दिसंबर को समस्त प्रबंधकों के स्थानांतरण कर दिए, जिसके बाद सिर्फ 20 दिन में 1137 क्विंटल लगभग 20 लाख से ज्यादा का धान सिर्फ पटना समिति में पकडाया है, जो कि एक रिकार्ड है। मंगलवार को डिप्टी कलेक्टर अपूर्व टोप्पो के साथ खाद्य निरीक्षक जितेंद्र वासुदेव एवं मंडी स्टाप द्वारा एक किसान अपने धान विक्रय करने के लिए 25 बोरी धान लाया गया था जिसकी जॉच की गयी तों पाया गया कि लाया गया धान एफएक्यू क्वालिटी का नही होने एवं पुराना धान होने के कारण लाये गये 25 बोरी धान को जप्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्यवाही की गयी। इसी तरह किसान हजारीलाल प्रजापति द्वारा 64 बोरी धान विक्रय हेतु लाया गया था इनके द्वारा लाये गये धान की भी जॉंच की गयी तो पाया गया कि लाया गया धान एफएक्यू क्वालिटी का नहीं है तथा पुराना धान पाया गया जिस पर अधिकारियों के निर्देश पर लाये गये 64 बोरी धान को जप्त करने के निर्देश दिये गये तथा मंडी अधिनियम के तहत कार्यवाही की गयी। बुधवार को भी कोचिला के एक किसान को 90 बोरी घान पकड़ाया है।

कई समितियों में चल रही गड़बड़ी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार धान खरीदी को लेकर जहॉ प्रशासन सतर्क है इसके बावजूद कई समितियों में सांठगॉठ कर नियम विरूद्ध तरीके से कार्य करते हुए धान का विक्रय किया गया। इस तरह ज्यादातर समितियों में अनेक तरह की गड़बड़ी धान खरीदी में की गयी। जिसकी जांच निष्पक्षता के साथ कराई जाती है तो गड़बड़ी व घोटाले सामने आ सकते है।