कोरिया पंचायत चुनाव : चुनावी बिसात में दांव पर दिग्गज

चौपाल से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का दौर

 

चंद्रकांत पारगीर, कोरिया। सरगुजा संभाग के कोरिया जिले में सबसे ज्यादा घमासान त्रिस्तरीय चुनाव में देखने को मिल रहा है, यहां दिग्गजों की किस्मत दांव पर है। यदि जीते तो आगे राजनीति में कद बढेगा और हारे तो आने वाले समय में उनकी राजनीति पर सवाल खडे हो जाएगें। चुनावी मैदान में दिग्गजों को कुछ उत्साही सोशल मीडिया में भारी जनसमर्थन की बात बता रहे है, वहीं सबसे ज्यादा परेशानी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हो रही है, सत्ता में रहते वो किसका विरोध करें किसका समर्थन, ये उनकी समझ में नहीं आ रहा है। वहीं जिले भर में धान खरीदी को लेकर ग्रामीणो में छाए रोष को लेकर भी कार्यकर्ता परेशान है। आईए कुछ ऐसे चेहरों से आपको रूबरू करवाते है जिनकी हार जीत को लेकर हर कही चर्चे हो रहे है।

वेदांति तिवारी – कुडेली क्षेत्र से दांव पर है साख
कांग्रेस के दिग्गज नेता, दो बार विधानसभा चुनाव में भाजपा के पूर्व मंत्री राजवाडे से लडे और हार गए, कांग्रेस के कई बडे पदों पर रहते हुए बीते विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिली, अब उन्होनें जिला पंचायत की राजनीति में कुडेली से दावेदारी ठोकी, कांग्रेस ने अपना समर्थित प्रत्याशी नहीं बनाया, कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ मैदान में है। उन्होने अपने घरेलु चुनावी मैदान से पूरा दमखम लगा रखा है। उन्हें कांग्रेस के समर्थित प्रत्याशी अनिल जायसवाल और कांग्रेस के दिग्गज नेता चंद्रप्रकाश राजवाडे कडी चुनौति दे रहे है। इसके अलावा उनका सीधा मुकाबला भाजपा के समर्थित प्रत्याशी अनिल साहू से हो रहा है। ऐसे में उन्हें हर हाल में जीत के लिए पूरा जोर लगाना पड रहा है।

विजय राजवाडे – समाजिक वोटरों के बंटवारें का अंदेशा
भाजपा के पूर्व मंत्री राजवाडे के पुत्र विजय राजवाडे सलका क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य के लिए मैदान में है, उनका मुकाबला कांग्रेस के समर्थित गणेश राजवाडे और गोंडवाना के आन्नद राजवाडे से है, ऐसे में बेटे को जीत दिलाने पूर्व मंत्री पूरी जोर आजमाईश कर रहे है, क्योंकि लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी ही पूर्व की भाजपा सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर भाजपा को सकते मेें डाल दिया था, जिसके बाद भाजपा संगठन में उनकी पूछपरख और कद को लेकर कई तरह के सवाल खडे होने लगे, इस क्षेत्र में कांग्रेस भाजपा और गोगपा के बीच कडी चुनावी टक्कर देखी जा रही है। राजवाडे समाज की बाहुल्यता को देखते हुए गोगपा ने भी राजवाडे उम्मीदवार ही मैदान में उतारा है जबकि गोगपा अपना कैडर वोट को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। ऐसे में मंत्री राजवाडे अब अपनी साख बचाने में ऐडी चोटी का जोर लगा रहे है।

कलावती मरकाम / सरोजनी कमरो – अध्यक्ष उपाध्यक्ष के बीच मुकाबला
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 से वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती मरकाम और वर्तमान उपाध्यक्ष सरोजनी कमरों आमने सामने है, कलावती मरकाम पूर्व में कांग्रेस के समर्थन से इसी क्षेत्र से चुनाव जीत कर जिला पंचायत अध्यक्ष बनी, उसके बाद जोगी कांग्रेस का दामन थामा और ऐन विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस में वापसी की और भरतपुर सोनहत से विधायक के लिए टिकट भी मांगा, अब दुबारा उसी क्षेत्र से कांग्रंेस उन्हें अपना प्रत्याशी बना दिया है, यहां कांग्रेंस के बागी सूर्यप्रकाश यूईके, भाजपा की चुन्नीबाई पैकरा और गोगपा की सरोजनी कमरो से सीधा मुकाबला हो रहा है, गोंगपा को विधानसभा में सबसे ज्यादा मत इसी क्षेत्र से मिलते है ज्यादा कैडर वोट होने के कारण पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय कमरों ने अपनी पत्नी सरोजनी कमरो को सलका क्षेत्र से ना लडा कर बचरापोडी से मैदान में उतार दिया है। जिसके कारण कांग्रेस को गोंगपा और बागी प्रत्याशी से कडी टक्कर मिल रही है ऐसे में कलावती मरकाम को अपनी सीट बचाने काफी जोर लगाना होगा।

शरण सिंह – जनता की नब्ज टटोलने में माहिर
मनेन्द्रगढ क्षेत्र क्रमांक 3 से वर्तमान जिला पंचायत सदस्य शरण सिंह मैदान में है, उन्हें कांग्रेस ने अपना समर्थनं नहीं दिया, जिसके कारण अब वो कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड रहे है। उनके साथ कार्यकर्ताओं की काफी संख्या देखी जा रही है, उन्हें जनता की नब्ज टटोलने में महारत हासिल है। ऐसे में उन्हें कांग्रेस के साथ साथ भाजपा और गोंगपा से भी कडा मुकाबला मिल रहा है।

रविशंकर सिंह – धान खरीदी के रोष को कम करना चुनौति
दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुके रविशंकर सिंह इस बार कांग्रेस के समर्थित उम्मीदवार है, पहली बार जिस सीट से जीत कर सदस्य बने थे इस बार उसी सीट से मैदान में है। हलांकि प्रचार में वो इस समय सबसे आगे है, परन्तु धान की खरीदी से नाराज ग्रामीणों में छाए रोष को कम करना उनके लिए चुनौति बना हुआ हैं, वहीं गोंडवाना के यशवंत मरावी और भाजपा की गौरी बाई से उनकी सीधी टक्कर हो रही है, तीसरे चुनाव में उन्हंे कडा मुकाबला मिल रहा है। उनकी साख इस चुनाव में लगी हुई है।

सुखवंति सिंह – आम आदमी पार्टी खाता खोलने लगा रही है जोर
कोरिया जिले में आम आमदी पार्टी यदि कही बात होती है जो जनकपुर में, यहां पार्टी के कई पदाधिकारी है, जनकपुर क्षेत्र क्रमांक 1 से पार्टी ने प्रदेश उपाध्यक्ष और जनपद पंचायत की अध्यक्षा सुखवंति सिंह को मैदान में उतारा है, यहां से उनका मुकाबला दो बार की जिला पंचायत सदस्य और गोंगपा की प्रत्याशी फूलमति नेटी से हो रहा है। वहीं भाजपा की पिंकी सिंह भी प्रचार में किसी से पीछे नही है। कांग्रेस भी काफी जोर लगा रही है। आम आदमी पार्टी अपना पूरा जोर जिले में पहली बार खाता खोलने में लगा रही है। गोंगपा की फूलमति नेटी और सुखवंति सिंह दोनों ने बीते समय जनता के मुद्दों को बखूबी उठाया है। वहीं इस क्षेत्र में धान खरीदी को लेकर लोगो के मन में कई सवाल है। ऐसे में सभी प्रत्याशियों की साख इस सीट पर लगी हुई है।

उर्मिला नेताम / उषा सिंह – कांटे का मुकाबला
धमकी वाले मामले के बाद सुर्खियों में आया मनेन्द्रगढ क्षेत्र क्रमांक 4 से भाजपा समर्थित उर्मिला नेताम और कांग्रेस समर्थित उषा सिंह के बीच कडा मुकाबला देखा जा रहा है। यहां भरतपुर सोनहत विधायक गुलाब कमरों की बहन के चुनाव लडने के कारण सीट हाई प्रोफाइल हो गयी है और यहां कांग्रेस की साख जीत हार पर लगी हुई है। क्योंकि कांग्रेस उन्हें कई बार अपना समर्थित प्रत्याशी बना चुकी है परन्तु जीत अभी तक उनके पाले में नहीं आई है। इसके अलावा गोंगपा भी पीछे नहीं है।

 

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