एसडीएम, नायब तहसीलदार पहुंचे रेस्ट हाउस तब हुआ खाली

स्वास्थ्य विभाग को सूचना दिए रेस्ट हाउस में किया गया क्वारेंटाइन

चंद्रकांत पारगीर, कोरिया। वन विभाग के रेस्ट हाउस में रखे व्यक्ति को अंततः एसडीएम ने जाकर वहां से हटा दिया और अब उसे एक निजी होटल में रखा गया है। देश टीवी की खबर के असर यह हुआ कि अलसुबह की एसडीएम, नायब तहसीलदार मौके पर पहुंच गए।

इधर, प्रशासन में हडकंप इस बात पर मचा है कि आखिर बिना स्वास्थ्य विभाग को सूचना दिए रेस्ट हाउस में क्वारेंटाइन किसने किया था।

वही सुबह कोरिया वनमंडल के डीएफओ आर के चंदेले ने स्वयं फोन कर बताया कि लॉ एंड आर्डर का जिम्मा एसडीएम का होता है, मैने उन्हें अपने रेस्ट हाउस में नहीं रखा था, उसे एसडीएम के निर्देश पर ही रखा गया था।

सोमवार की शाम को वन विभाग के रेस्ट हाउस में रेड झोन से आए लकडी ठेकेदार के पुत्र को रखने का मामले ने तूल पकड लिया, रात में ही एसडीएम ने उसे वहां से निकालकर अन्यत्र रखने की बात कही।

रेस्ट हाउस

उधर वन विभाग के अधिकारियों के फोन से कोरिया वनमंडल में काफी बवाल मच गया, वहां निवासरत एक आईएफएस ने अपना कमरा छोड दिया, इधर, स्वास्थ्य विभाग को इसकी कोई जानकारी तक नहीं थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला भी व्यक्ति की सुध लेने जा पहुंचा।

कोरोना संक्रमण को लेकर बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की मेंडिकल जांच के बाद प्रशासन क्वारेंटाइन कर रहा है, परन्तु यहां बिना स्वास्थ्य जांच के क्वारेंटाइन का बडा मामला सामने आया है।

दर्जनों लोग आ जा रहे है
बताया जा रहा है कि रोजाना ऐेसे दर्जनों लोग आ जा रहे है जिनकी जानकारी प्रशासन को नहीं है, क्योंकि अब किसी के आने जाने को लेकर होने वाली जांच ना के बराबर है, अब पहले लॉक डाउन जैसी सख्ती भी देखी नही जा रही है। जिनकी पहुंच है उन्हें ना कोई देखने जा रहा है। जो बिना पहुंच वाले है उन्हें प्रशासन के तमाम नियम कानूनों की दुहाई देकर क्वारेंटाइन करके रखा है।

अपने पूरे स्टाफ की कराई जांच
हर दिन लोगों के आने जाने की अनुमति प्रदान करने वाले एडीएम सुखनंदन अहिरवार ने खुद से साथ दिनरात काम में लगे स्टाफ की पीसीआर जांच करवाई, जिसमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उनका कहना है कि उनका और उनके स्टाफ का लगातार लोगों ने मिलना जुलना लगा है इसलिए हमने अपनी पूरी जांच करवाई है।

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