सरकारी जमीन के पेड़ काटकर बेचने वाले सरपंच-उपसरपंच निलंबित

बसना थाना के ग्राम गढ़फुलझर की घटना

बसना। महासमुंद जिले के बसना थाना के ग्राम गढ़फुलझर में शासकीय जमीन के पेड़ काटकर बेचने की शिकायत सही पाये जाने पर एसडीएम ने सरपंच और उपसरपंच को निलंबित कर दिया है।वहीं ग्रामीणों ने इस मामले में सचिव के भी शामिल होने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायती पत्र एसडीएम को सौंपा है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत गढफ़ुलझर की सरपंच वृन्दावती पाड़े एवं उनके पति उपसरपंच सोमनाथ पाड़े द्वारा गढफ़ुलझर की शासकीय भूमि के हरे-भरे तीन नग सेमल वृक्ष को काटकर तथा उक्त भूमि को अपनी निजी भूमि बताकर और ग्राम पंचायत की सील लगाकर आरा मशीन सिंघनपुर को बेच दिया गया था। उक्त कटे हुए पेड़ों को दो ट्रैक्टर में भर कर 30 दिसम्बर 2018 को बडड़ाभा से छोटेपटनी होते हुए ले जाया जा रहा था। तभी सूचना पाकर वन विभाग बसना द्वारा कार्रवाई की गई थी।

                              इसके बाद पंचायत सचिव भुवनेश्वर द्वारा पंचायत और गांव के हित के लिए पेड़ काटा जाना बताकर पंचायत में प्रस्ताव भी किया गया था। उपसरपंच द्वारा उक्त भूमि को निजी जमीन बताकर कार्रवाई से बचने का प्रयास भी किया गया था। जिसके बाद आवेदक नरेन्द्र पाड़े द्वारा अनुविभागीय अधिकारी सरायपाली को लिखित में एसडीएम को शिकायत कर जांच की मांग की गई थी।
तहसीलदार द्वारा जांच के दौरान शासकीय भूमि में हरा-भरा पेड़ को काटने व नुकसान पहुंचाने व सरपंच तथा आरामिल मालिक द्वारा शासकीय भूमि में सेमल पेड़ की अवैध लकड़ी परिवहन करते पाये जाने पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने एक ट्रेक्टर को जब्त कर ट्रेक्टर एवं ट्रेक्टर ट्राली को राजसात करने की कार्रवाई की थी। जबकि एक ट्रेक्टर आज भी पकड़ से बाहर है। एसडीएम राजस्व सरायपाली को 17 मई 2019 को यह रिपोर्ट सौंपा गया। अनुविभागीय न्यायलय में प्रक्रिया पश्चात एसडीएम द्वारा 31 अक्टूवर को सरपंच वृन्दावती पांड़े एवं उपसरपंच सरपंचपति सोमनाथ पांड़े को शासकीय भूमि का हरा भरा पेड़ काटकर शासकीय सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी मानते हुए सरपंच-उपसरपंच को पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 39 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।