छत्तीसगढ़ से झारखंड चुनाव कराने गए सुरक्षाबल आपस में भिड़े, 2 की मौत

सीआरपीएफ जवानों ने अपने 3 अफसरों को गोली मारी, 4 जवान भी जख्मी

रायपुर। बस्तर के नक्सल इलाकों में तैनात जवानों के तनाव में आकर अपने साथियों और अफसर को मौत के घाट उतार देने की घटनाएं तेजी से बढ़ने लगी हैं। सोमवार को झारखंड में दूसरे चरण के चुनाव में सुरक्षाबलों की दो टुकड़ियां बस्तर से गई थीं। इनमें से एक सुरक्षाबल के जवान ने छुट्टी को लोकर उपजे विवाज के बाद अपने अफसर को गोलियों से भून दिया और खुद को गोली मार ली। वहीं खाने की मामूली बात पर सीआरपीएफ के जवानों और अफसरों की फायरिंग में 2 अफसरों की जान गई जबकि 4 जख्मी हो गए।
हाल ही में बस्तर के नारायणपुर जिले के आईटीबी कैंप में विवाद के बाद एक जवान ने 5 साथियों की जान ले ली थी और उसके बाद खुद को गोली मार ली थी। मामूली बात पर हुए खूनी संघर्ष की इन घटनाओं ने बयां कर दिया है कि सुरक्षाबलों के भीतर कितना तनाव और असंतोष है।

सुरक्षाबलों की दोनों ही टुकड़ियां चाईबासा में चुनाव संपन्न कराने के बाद अगले चरण के चुनाव के लिए अलग-अलग जिलों की ओर जा रही थीं। पहली घटना सोमवार सुबह रांची खेलगांव परिसर में ठहरे छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (सीएएफ) के अस्थायी कैंप में हुई। यहां कमांडेंट से शिकायत से नाराज फोर्स के सिपाही विक्रम आदित्य राजवाड़े ने अपने कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर मेला राम कुर्रे को रायफल से भून डाला। इसके बाद खुद को भी गोली मार ली। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर मेला राम कुर्रे छत्तीसगढ़ के रायपुर के निवासी थे, जबकि विक्रम आदित्य राजवाड़े सूरजपुर का रहने वाला था। गोलियां चलने के दौरान दीवार से टकराते हुए कुछ गोलियां छिटक कर दो अन्य जवानों नंदकिशोर कुशवाहा और वेणुधर धु्व को भी लगीं। दोनों जवानों का इलाज जारी है।

सीआरपीएफ जवानों ने अपने ही 3 अफसरों को भूना
इधर चाईबासा से द्वितीय चरण का चुनाव संपन्न कराकर लौट रहे सीआरपीएफ के जवान और अधिकारी बोकारो के गोमिया स्थित कुर्कनाला में आपस में ही भिड़ गए। सुरक्षा बलों के जवानों की आपसी फायरिंग में असिस्टेंट कमांडेंट समेत 2 अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चार जवान घायल हो गए। घायल जवानों में दो का इलाज रांची में और दो का इलाज बोकारो में चल रहा है। सीआरपीएफ की ओर से जारी बयान के अनुसार, घटना सी/226बटालियन में हुई।

रांची के वरिष्ठ पत्रकार शहरोज कमर ने बताया कि सीआरपीएफ 226वीं बटालियन के जवान और अधिकारी यहां एक स्कूल में ठहरे थे, जहां जवानों में भोजन की बात को लेकर विवाद बढ़ा और आपस में फायरिंग शुरू हो गई। फायरिंग में सीआरपीएफ के दो अधिकारियों असिस्टेंट कमांडेंट साहुल अहसन और एएसआइ पूर्णानंद भुइयां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार जवान घायल हो गए। गोली लगने से घायल दो कांस्टेबल उपेंद्र यादव और हरिश्चंद्र गोखले को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची भेजा गया है। दो घायल जवानों खुखलरी और दीपेंद्र कुमार का बोकारो मे इलाज चल रहा है।

झारखंड पुलिस के एडीजी ऑपेरशन मुरारी लाल मीणा के अनुसार सभी जवान छतीसगढ़ सीआरपीएफ की 226 बटालियन के हैं। ये झारखंड में चुनाव कराने आए हैं। इसी बटालियन के अधिकारी और जवान आपस में भिड़े हैं। दो घायलों को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची लाया गया है। चुनाव ड्यूटी में आए जवानों को पर्याप्त सुविधाएं दी जा रही है, ताकि कोई शिकायत न रहे। उन्हें आने-जाने के लिए गा़डियां व अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं। लड़ाई-झगड़े की वजह क्या रही, इसकी जांच होगी और जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएंगे।