कोरोना को लेकर स्थगन प्रस्ताव पर पक्ष-विपक्ष में जमकर तकरार

जनता परेशान, सरकार मौन - विधायक बृजमोहन

रायपुर | आज मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में CM भूपेश बघेल ने अनुपूरक बजट पेश किया। सरकार द्वारा 3807 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया गया है। अनुपूरक बजट पर कल चर्चा होगी। वहीँ कोरोना वायरस को लेकर लाये गए स्थगन में पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस देखी गई। कोरोना संक्रमण स्थगन प्रस्ताव पर भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि जनता कोरोना से परेशान हैं, लेकिन सरकार अपने उत्सव में व्यस्त नजर आ रही है। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के कटआउट विज्ञापनों में दिखाई तो दे रहे हैं, लेकिन कोरोना को लेकर किसी भी तरह के विज्ञापन शहर से नदारद हैं।

चर्चा के दौरान भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने क्वॉरेंटाइन सेंटरों को लेकर कलेक्टर के द्वारा जन सहयोग को भीख मांगना करार दिया। जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने बृजमोहन अग्रवाल के आरोपों पर आपत्ति जताते हुए इसे जन सहयोग प्राप्त करने की बात कही। वहीं इस तरह के शब्दों का प्रयोग न करने की भी गुजारिश की। रविंद्र चौबे ने प्रधानमंत्री द्वारा जन सहयोग लेने का भी उदाहरण सदन में पेश किया।

विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश जैसे इतने बड़े प्रदेश में जहां 1700 लोग संक्रमित पाए जाते हैं लेकिन छोटे से राज्य छत्तीसगढ़ में एक ही दिन में 1287 लोगों का संक्रमित पाया जाना खतरनाक मामला माना जाना चाहिए। उन्हें यहां तक कहा कि हम सत्र के दौरान सुरक्षा के पूरे पुख्ता इंतजाम के साथ बैठे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता के लिए राज्य सरकार क्या व्यवस्था कर रही है इससे सभी अनजान है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार कोरोना के संक्रमण से निपट रही है या सरकार उत्सव मनाने में लगी है, हम इस बात का जवाब चाहते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण जो फैल रहा है उसके लिए सबसे बड़ा दोषी राज्य सरकार है, लेकिन आज सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।

भाजपा विधायकों ने सरकार से पूछा कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं, जानमाल की क्षति हो रही है, प्रदेश भर में क्वारन्टीन सेंटर बनाये गए हैं जिन्हें निश्चित समय तक रखा जा रहा है। क्वारन्टीन सेंटर में लोगों की मौते अव्यवस्था से मौत हो रही है। सांप बिच्छु के काटने से मौत हो रही है। महिला से छेड़छाड़ हो रही है। अव्यवस्था से तंग आकर लोगों की मौत हो रही है, लेकिन सरकार मौन है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने विपक्ष के सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि सभी आरोप निराधार है। अव्यवस्था के कारण मौतें हुई ये कहना गलत है। जामा बाई बुढ़गहन पामगढ़ की सर्पदंश से मौत नहीं हुई, वह ठीक होकर शराबखोरी की शिकायत आई थी गंडई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 6 लाख 70 हजार लोगों के रुकने की व्यवस्था की गई थी। पानी बिजली तमाम व्यवस्था की गई थी। प्रदीप केरकेट्टा सीतापुर ने दुखद आत्महत्या की थी, तुलसी दलगा, पंडरिया के आत्महत्या की जानकारी सही नहीं है।

सिंहदेव ने कहा कि चीन में कोरोना की सूचना के बाद 2 फरवरी 2020 से ही सरकार ने इसकी तैयारी कर दी थी। अस्पताल के सुरक्षा उपकरण की व्यवस्था की गई। प्रतिदिन कोरोना बुलेटिन के माध्यम से जानकारी प्रसारित की गई है। मई तक केवल 3 सक्रिय मरीज थे, प्रवासी मजदूरों के आने के बाद कोरोना बढ़ा। सिंहदेव ने आगे कहा राज्य सरकार ने कोरोना चिकित्सकों को इंसेंटिव देने की व्यवस्था की गई है। निःशुल्क रखने खाने और परिवहन की व्यवस्था की गई है। 108 करोड़ 37 लाख स्वास्थ्य विभाग ने खर्च किये हैं, 7 लाख 94 हजार प्रवासी मजदूर वापस आये हैं।