बालशोध मेले मे विद्यार्थियों का दिखा हुनर,अजीम प्रेमजी स्कूल का आयोजन

प्रदर्शनी में 400 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया

धमतरी | धमतरी के अजीम प्रेमजी स्कूल में आयोजित बाल शोध मेले में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अपने शोध से प्रस्तुत मॉडल, तथ्यों और शोध लेखों से मेले में शामिल होने आये छात्र-छात्राओं, अभिभावक, शिक्षकों और ग्रामीणों को काफी प्रभावित किया। करीब 400 छात्र-छात्राओँ ने मानव शरीर की संरचनाओं से जुड़े मॉडल के अलावा, खेल खेल में गणित, सामाजिक रीती रिवाजों से जुड़े शोध, लोक गीत और संस्कृति से जुड़े शोध, भाषा, कबाड़ से जुगाड़, संगीत और लोकवाद्यों पर शोध को प्रदर्शित किया।

बच्चो में जगी खोज भावना
“अजीम प्रेमजी स्कूल में इस बाल मेले का आयोजन पिछले तीन सालों से किया जा रहा है। इस मेले के आयोजन के पीछे का एक खास मकसद है कि बच्चे इन शोधों के माध्यम से स्वयं को अपने परिवेश से जोड़कर देखें। अपने आसपास के सांस्कृतिक-सामाजिक विविधता को समझें, अनुप्रयोगों को ढूंढें और उसमें सामंजस्य बना पायें। सभी बच्चों ने बखूबी ये कर दिखाया है।” इस बाल शोध मेले का संयोजन कर रहे शिक्षक उमाशंकर का कहना है कि बाल शोध मेला बच्चों को अपने परिवेश को पाठ्यवस्तु से जोड़कर समझने, क्यों और कैसे के कारण को जानने, समझ को विकसित करने व कुछ भ्रांतियों को दूर कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण निर्मित कर पाने की दिशा में आगे बढ़ें।”

अभिभावकों को बच्चों ने दी जानकारी
अजीम प्रेमजी स्कूल के बच्चों ने सामाजिक, गणित, विज्ञानं वाद्य यंत्रों से लेकर छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति आदि पर अपना शोध प्रस्तुत किया। बच्चे इस शोध पर क्या कार्य किए है और इसकी उपयोगिता क्या है,इसकी सम्पूर्ण जानकारी शोधकर्ता विद्यार्थियों ने दिया। उनके द्वारा दिए गए जानकारी को मेले में उपस्थित अभिभावकों ने काफी ध्यान से सुना और बच्चों से ही सिख लेने की कोशिश भी की।

पालकों ने की सराहना
इस बालशोध मेले में शामिल होने आये अभिभावकों ने काफी उत्साह के साथ बच्चों के शोध कार्यो को देखा और उन्हें उत्साहित भी किया। पालकों का कहना है कि वे बहुत खुश हैं की उनके बच्चे इस तरह के षोध कार्य कर रहे हैं, जो हमने कभी न तो सोचा था और न देखा था। बच्चों के षोध कार्यो से पालकों ने भी काफी जानकारी ली है।