पीएम आवास में सूबा अव्वल, पर कोरिया का हाल ऐसा…

इस पंचायत में 90 फीसदी आवास बने ही नहीं

बैकुंठपुर। दो दिन पहले छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में ओवरऑल परफॉर्मेंस में पहला पुरस्कार दिया गया। इस योजना के तहत जिले में रायपुर को प्रथम और धमतरी जिले को दूसरा स्थान मिला है। पर कोरिया जिले का हाल इस मामले में कुछ अलग है। इस महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा उचित रूप से मॉनिटरिंग नही किये जाने के कारण योजना का हाल बेहाल हो गया है। समय पर कई पंचायत अंतर्गत पीएम आवास पूर्ण नही कराया जा सका है जिसका असर यह हो रहा है कि संबंधित पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध मं पंचायत सचिव अशोक यादव का कहना था कि हां अधूरे हैं। किश्तों में पैसा मिलता है इसलिए धीरे-धीरे हो रहा है। कब तक पूरा हो पाएगा कह पाना मुश्किल है।

जब मनेंद्रगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत क्षेत्र का जायजा लिया गया तो जानकारी हुई कि इस ग्राम पंचायत क्षेत्र में 90 प्रतिशत पीएम आवास बने ही नहीं है। जबकि संबंधित विभाग द्वारा समय समय पर पीएम आवास निर्माण की प्रगति की समीक्षा की जाती है इसके बावजूद इस पंचायत में पीएम आवास निर्माण कार्य में जमकर लापरवाही बरती जा रही है। पंचायत क्षेत्र में अनेकों हितग्राही पीएम आवास मिलने की आस में है लेकिन आवास का निर्माण कार्य ही समय सीमा में नही कराया जा सकी है। वैसे इस तरह की शिकायत सिर्फ मुसरा पंचायत में ही नही बल्कि जिले के कई जनपद क्षेत्रों में बनी हुई है सबसे खराब स्थिति भरतपुर जनपद क्षेत्रों में बनी हुई है।
ज्ञात हो कि भरतपुर जनपद क्षेत्र कोरिया जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर से काफी दूरी पर स्थित है इस क्षेत्र में कई वनांचल व दुर्गम क्षेत्र है जिस कारण अधिकारी ऐसे पंचायत क्षेत्रों में भ्रमण नही करते है इसी के कारण इस क्षेत्र के कई पंचायत क्षेत्रों में पीएम आवास आधे अधूरे तो कहीं पर बने ही नहीं है।

आबंटन में अनियमिता की शिकायत
जिले के कई पंचायत क्षेत्रों में पीएम आवास आबंटन में अनियमितता की भी शिकायत है। कई क्षेत्रों के से यह शिकायत मिलती है कि वे पात्र है इसके बावजूद पीएम आवास की सूची में उनका नाम नही है। सरपंच सचिव को आवेदन देने के बाद भी उनकी समस्याओं का निराकरण नही हेा पाता। वही कई ऐसे वंचित लोगों को यह कहकर आश्वासन दे दिया जाता है कि अगली सूची में उनका नाम डाल देंगे इस आस में वे चुपचाप बैठे हँ।