सरगुजाः हथिनियों की मौत हृदयगति रुकने और जहरीला पदार्थ खाने से – एपीसीसीएफ

मृत सभी हथिनि बांकी दल का सदस्य, जांच सीसीएफ को

चंद्रकांत पारगीर, सूरजपुर। सरगुजा वन वृत में एक के बाद एक तीन हथिनियों की मौत के बाद सूरजपुर और बलरामपुर वन मंडल में हड़कंप मचा हुआ है। इधर वाईल्डलाइफ के एपीसीसीएफ के साथ रायपुर से कई विशेषज्ञ प्रतापपुर में डेरा डाल कर जांच में जुटे हैं।

वही तीनों हथिनियों की मौत पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी गयी है। जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि गर्भवती हथिनी की मौत का कारण हृदयगति रुकने, दूसरे हथिनी की मौत किसी जहरीले पदार्थ के खाने से होने की आशंका व्यक्त की गई है, जबकि तीसरे हथिनी की मृत्यु संबंधित जानकारी अभी नहीं दी गई है।

विभाग के अनुसार तीनों हथिनि बांकी दल के सदस्य थे। घटना की जांच डीएफओ बलरामपुर व सूरजपुर द्वारा आरंभ कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार प्रतापपुर व राजपुर रेंज में गर्भवती मादा सहित अन्य दो मादा हाथी की मौत पर विभाग के वाईल्ड लाईफ के एपीसीसीएफ अरुण पांडेय ने बताया है कि सूरजपुर वनमंडल के प्रतापपुर रेंज में गणेशपुर के जंगल में 9 जून को मादा हाथी का शव मिला। यह जानकारी ग्रामीणों ने सुबह साढ़े 6 बजे विभाग को दी।

इस मादा हाथी की उम्र 15-20 वर्ष के मध्य थी। इसका पोस्टमार्टम पशु चिकित्सकों द्वारा प्रातः साढ़े 11 बजे से दोपहर ढाई बजे तक किया गया। पशु चिकित्सक के अनुसार हाथी की मृत्यु का कारण हृदय गति का रुकना है। इसके अलावा मादा भ्रूण के कांटीलीडन प्लेसेंटा के अलग होने के कारण प्रसव पीड़ा व थकान से मृत्यु होने की आशंका है।

दूसरी मादा हाथी के मृत्यु को लेकर बताया गया है कि 9 जून की रात 12 बजे गणेशपुर से 1 किमी दूर नाले के पास एक अन्य हथिनी का शव मिला। 10 जून को हाथी दल के समीप रहने के कारण पोस्टमार्टम संभव नही हो सका। 11जून को प्रातः 9 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे इसका पोस्टमार्टम किया गया। इस हथिनी की उम्र 39-42 वर्ष के मध्य बताई जा रही है। इसकी मृत्यु किसी टॉक्सिक पदार्थ के सेवन करने के कारण संभावित बताई जा रही है।

तीसरी घटना बलरामपुर वनमंडल के राजपुर रेंज के अतौरी आरएफ 2773 की है।  11 जून को वनमंडलाधिकारी प्रणय मिश्रा की उपस्थिति में दोपहर साढ़े 12 बजे से पोस्टमार्टम आरंभ किया गया है। क्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार इस मादा हाथी की मृत्यु 6 जून को संभावित बताई गई है। जिस कारण शव सड़ गया है।

बांकी दल के थे सदस्य

मृत सभी हथिनि बांकी दल का सदस्य थे। जो 3 जून को राजपुर रेंज के अतौरी में कुछ घर को तोड़कर मक्का, चावल व 8 क्विंटल महुआ खाया गया था। बताया गया है कि इस दल का विचरण 5-6 जून को बलरामपुर वनमण्डल में रहने के बाद 8-11 जून को सूरजपुर वनमण्डल में हुआ। सबसे पहले इस दल के प्रथम सदस्य की मृत्यु लगभग 6 जून को एवं इसके पश्चात इसके अन्य दो सदस्यों की मृत्यु 9 जून को सुबह व रात को हुई है।

जांच सीसीएफ को

घटना की जांच के लिए सीसीएफ सरगुजा वृत्त के मार्गदर्शन में डीएफओ बलरामपुर व सूरजपुर द्वारा जांच आरंभ कर दी गई है।