सरगुजा के किसान ने विकसित की चेरी टमाटर की नई किस्म, मिला पेटेंट

यह चेरी टमाटर कैंसर, हृदय तथा मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद माना गया है

अम्बिकापुर|  सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले के किसान रामेश्वर तिवारी को उनके द्वारा विकसित चेरी टमाटर का पेटेंट मिला है| चेरी टमाटर को कैंसर, हृदय तथा मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद माना गया है। अंगूर के समान गुच्छे में फलने  वाले इस टमाटर की विदेशों में भी मांग है।

राजपुर ब्लाक के सिंगचौरा के किसान रामेश्वर तिवारी द्वारा विकसित ‘चेरी टमाटर’ को लगभग तीन वर्ष के परीक्षण के बाद भारत सरकार की पौध किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा  कृषक किस्म का पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है।

किसान रामेश्वर तिवारी

किसान रामेश्वर तिवारी द्वारा विकसित चेरी टमाटर को कैंसर, हृदय तथा मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद माना गया है। विदेशों में भी इस टमाटर की मांग है। अंगूर की तरह गुच्छे में फलने वाला चेरी टमाटर आकार में छोटा और छिलका देशी टमाटर की तरह पतला होता है।

बताया गया कि चेरी टमाटर में लाइकोपीन विटामिन ए तथा विटामिन सी, प्रोटीन 0.1 प्रतिशत तथा शून्य मात्रा में वसा एवं नगण्य मात्रा में कैलोरी पाई गई है। छोटे आकार और सुपाच्य होने के कारण विदेशों में  बिना काटे सलाद के रूप में इसका उपयोग किया जाता है। इस कारण  महानगरों में  काफी मांग है।  जिससे इसकी  निर्यात की भी भारी संभावनाएं हैं

किसान रामेश्वर तिवारी के मुताबिक प्रति पौधा  औसत उत्पादन करीब 3 किलो  हो रहा है। उन्होंने चेरी टमाटर को पेटेंट करने के लिए  वर्ष 2016 में आवेदन प्रस्तुत किया था। कई चरण की जांच के बाद इसे पंजीकृत किया गया है।

बता दें  सरगुजा के  कोरिया जिले में आस्ट्रेलियन गेहूं (देखे विडिओ) की प्रजाति का उत्पादन खबरों में रहा है | सरगुजा संभाग के ही जशपुर में चाय की खेती हो रही है| बहरहाल रामेश्वर तिवारी की प्रेरणा से दूसरे किसानों का झुकाव भी इस ओर बढ़ा है|