सरगुजाः हथिनियों की मौत मामले में राजपुर रेंजर निलंबित

जांच दल भी गठित, गिर सकती है कई बड़े अफसरों पर कार्रवाई की गाज

चंद्रकांत पारगीर, सरगुजा। सरगुजा वन वृत में लगातार 3 दिन में 3 हथिनियों की असमय मौत के बाद राज्य सरकार ने पहली कार्यवाही करते हुए राजपुर के रेंजर को निलबित कर दिया है, वहीं राज्य सरकार ने पूर्व पीसीसीएफ के नेतृत्व में जांच दल भी गठित किया है, परन्तु जिस तरह हथिनियों की मौत हुई है, माना जा रहा है कि कई बड़े अधिकारियों पर भी कार्यवाही की गाज गिरना संभव माना जा रहा है।

शनिवार को राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वदी ने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) नया रायपुर के प्रतिवेदन के आधार पर राजपुर रेंजर अनिल सिंह को निलंबित कर दिया। उन्होने अपने आदेश में बताया कि अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी)  के प्रतिवेदन के अनुसार बलरामपुर जिले में दिनांक 05 एवं 06 जून, 2020 को हाथी दल का विवरण हुआ।

बलरामपुर वनमण्डल के राजपुर परिक्षेत्र अंतर्गत गोपालपुर सर्किल के अतीरी (पश्चिम) बीद के क्स कमांक आर.एफ.-273 में सम्भवतः दिनांक 06.06.2020 को एक मादा हाथी की असामयिक मृत्यु हुई है। मृत्यु की घटना की सूचना दिनांक 11.06.2020 को प्राप्त हुई। दिनांक 06.06.2020 से दिनांक 11.06.2020 के पूर्व मादा हाथी की मृत्यु की सूचना परिक्षेत्र अधिकारी एवं अन्य अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई, जबकि राजपुर परिक्षेत्र का मुख्यालय राजपुर ही है।

उक्त घटना से परिक्षेत्र अधिकारी राजपुर अनिल सिंह, वनक्षेत्रपाल द्वारा अपने कर्तव्यों में गंभीर चूक एवं लापरवाही की गई है। राज्य शासन ने अनिल सिंह, वनक्षेत्रपाल का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है. जिसके लिये श्री अनिल सिंह के विरूद्ध छग सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 910 (क) के तहत अनुशासनिक कार्यवाही प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है।

अतः अनिल सिंह, वनक्षेत्रपाल, परिक्षेत्र अधिकारी, राजपुर वनमंडल बलरामपुर को छग सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम १(1) (क) एवं छग शासन वन विभाग के आदेश कमांकध्एफ 09-06ध्2016ध्10-1ध्वन, दिनांक 11ध्09ध्2017 द्वारा प्रदत्त अधिकार के तहत तत्काल प्रभाव से एतद द्वारा निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में श्री अनिल सिंह, वनक्षेत्रपाल का मुख्यालय वनमंडल कार्यालय बलरामपुर निर्धारित किया जाता है, उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

सुरजपुर वनमंडल में हाथियों की मौत को लेकर विभाग में काफी हडकंप मचा हुआ है, मामला दिल्ली तक जा पहुंचा है, इधर, वन विभाग के द्वारा बरती गई लापरवाही को लेकर राज्य सरकार ने कार्यवाही की शुरूआत की है।

दरअसल, सरगुजा संभाग के सुरजपुर और बलरापुर में बीते कुछ माह में 5 हाथियों की मौत हुई है, कुछ दिन पूर्व जंगल में एक हाथी का शव बरामद हुआ था, इसके अलावा एक हाथी को करेंट से मारे जाने की घटना भी सामने आई थी।

यहां लगातार हाथियों की हो रही मौत के बाद इस घटना को लेकर कई बडे अफसरों पर कार्यवाही होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। हाथियों की आवाजाही को लेकर अफसर इसे रूटिन वर्क मानकर मामले में लापरवाही बरतने लगे है जिसके गंभीर  परिणाम सामने आ रहे हैं।

याद आ रहे बिसेन साहब

हाथियों की लगातार मौत के बाद सरगुजा वन वृत के पूर्व सीसीएफ के के विसेन को इन दिनों पर्यावरण और वन विभाग से जुडे लोग याद कर रहे हैं। दरअसल, श्री बिसेन सीसीएफ का प्रभार लेने के पूर्व वन्य प्राणी मे सीसीएफ का प्रभार देख रहे थे, वन्य प्राणियों को लेकर उनकी तत्परता किसी से छिपी नहीं है।

हाथी मानव द्वंद रोकने उन्होने कई प्रयास किए साथ जहां भी हाथियों का दल पहुंचता वो जरूर वहां पहुंचते। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद विभाग के अफसरों ने इस ओर बिल्कुल ध्यान देना बंद कर दिया, सरगुजा वन वृत में हाथियों की आवाजाही को एक रूटिन वर्क समझ कर देखा जाने लगा।

संबंधित पोस्ट

सरगुजा: दम्पति की सिर कुचली लाश, दामाद ही निकला कातिल

सरगुजा: युवक और किशोरी की नग्न लाश बरामद, प्रेम हत्या का मामला

सरगुजा: ओडिशा की बुजुर्ग महिला को हाथी ने पटक कर मार डाला

सरगुजा: स्कूल से लौटती छात्रा को अगवा कर गैंगरेप

सरगुजा : नाबालिग युवती से सामूहिक बलात्कार, 3 गिरफ्तार

सरगुजा : डाक्टर पर कालेज छात्रा ने लगाया रेप का आरोप, मामला दर्ज

सरगुजा: शादी पंडाल में आ धमका हाथी, हमले में घायल बुजुर्ग की मौत

सरगुजा : पत्नी की प्रेमी संग प्रताड़ना से तंग पति ने फांसी लगा ली

सरगुजा: बलरामपुर में शराबी बेटे ने माँ को जिन्दा जला दिया  

सरगुजा: बलात्कार के बढ़ते मामलों ने उड़ाई पुलिस प्रशासन की नींद

Video:लेमरू एलिफेंट प्रोजेक्ट: विरोध कर रहे ग्रामीणों को मिला मंत्री सिंहदेव का साथ

सरगुजा: विरोध में फंसकर रह न जाये लेमरू हाथी कोरीडोर परियोजना