कोरिया के गुटरू डायवर्सन के कैनालों की हालत जर्जर

बारिश के पहले टूटी कैनाल की नहीं हुई अब तक मरम्मत

बैकुंठपुर । कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ अनु विभाग के अंतर्गत गुटरू डायवर्सन के कैनालों की हालत जर्जर हो चुकी है, इसकी कैनाल से बीते कई महीनों से पानी लगातार बह रहा है, परन्तु विभाग इस मामले में गहरी नींद में है, वहीं लगातार पानी बहने से रबी की फसल को लेकर किसान चिंतित है।

जानकारी के अनुसार मनेन्द्रगढ स्थित गुडरू डायसर्वन की रूपाकित सिचाई क्षमता 729 हेक्टेयर है, विभाग द्वारा वास्तवित सिचाई का लक्ष्य खरीफ का 100 हे और रबी का 80 हेक्टेयर है। जबकि वर्ष 2018-19 मे रबी का 90 हेक्टेयर रखा गया है। विभाग खुद डायवर्सन की रूपांकित सिचाई क्षमता से कम सिचाई होना बता रहा है, क्योंकि डायवर्सन के कैनालों का हाल बेहाल है, यदि विभाग समय रहते इनकी मरम्मत कराता रहता, तो किसानों को डायवर्सन का पूरा लाभ मिलता। वहीं रबी में 243 हेक्टेयर की सिंचाई होना चाहिए उसकी जगह मात्र 80 हेक्टेयर ही सिचाई हो पा रही है, जो कि लक्ष्य का 25 प्रतिशत है। किसानों की माने तो बारिश के पहले से ही इसकी कैनाल कई जगह से टूट चुकी है, कई बार अधिकारियों को इसकी शिकायत भी की गई, परन्तु किसी ने उक्त कैनाल को दुरूस्त करने का काम किया है और ना ही निर्धारित किए लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया गया है।

बहुत अमूल्य है पानी
गुडरू डायवर्सन का पानी सिचाई के लिए बहुत अमूल्य है, क्योंकि यह पानी पहले डायसर्वन में एकत्रित होता है, फिर धीरे धीरे कैनाल के माध्यम से कृषक के खेत तक पहुंचता है। इसकी एक एक बूंद बेहद कीमती मानी जाती है। दरअसल, डायवर्सन नदियों और छोटे छोटे नालों को रोककर बनाया गया है, पूरे वर्ष बहने वाले इस पानी को रोका गया है, ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके, परन्तु अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसानों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।