सबसे ज्यादा जैविक खाद उपयोग करने वाले किसान होंगे गोधन मित्र घोषित

गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ी गांव की संस्कृति को सहेजने की पहल: कलेक्टर

कोरबा | कोरबा जिले मेें जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर किरण कौशल ने विशेष पहल की है। जिले के गौठानों में बनने वाले जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट का अधिक से अधिक उपयोग करने वाले किसानों को जिले में गोधन मित्र के रूप में नई पहचान दी जाएगी।

इसके साथ ही गोधन मित्र अपने गांव और आसपास के गांवो में भी दूसरे किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करेंगे। कलेक्टर किरण कौशल ने आज इस संबंध में जिला पंचायत के सभाकक्ष में सभी विकासखण्डों से आए चिन्हांकित प्रगतिशील किसानों के साथ विशेष चर्चा की। जिला पंचायत के सीईओ कुंदन कुमार की मौजूदगी मंे हुई इस चर्चा में कलेक्टर ने किसानों को जैविक खेती के फायदे बताये साथ ही अधिक से अधिक जैविक खाद का उपयोग खेती किसानी मे करने से गांव के लोगों को रोजगार मिलने और गौठानों को आत्मनिर्भर बनाने की भी बात कही।

इस दौरान कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे साथ ही विकासखण्ड मुख्यालयों से सहकारी समितियों के प्रबंधक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि एवं सहकारिता तथा उद्यानिकी विभाग के मैदानी अधिकारीकर्मचारी भी चर्चा में शामिल हुए।

चर्चा में कलेक्टर किरण कौशल ने कहा कि शासन की महत्वकांक्षी गोधन न्याय योजना से छत्तीसगढ़ी ग्राम्य संस्कृति और गोधन के संरक्षणसंवर्धन की शुरूआत की गई है। इसके तहत ग्रामीणों द्वारा गोबर से गुणवत्तापूर्ण वर्मी कम्पोस्ट तैयार की जा रही हैं जो कि विशुद्ध जैविक खाद है।

कलेक्टर ने कहा कि किसान भाई आने वाले खरीफ और वर्तमान गर्मी की फसल में इस खाद का शत प्रतिशत उपयोग करें। कलेक्टर ने कहा कि खेतों में रासायनिक खादो के उपयोग से कई गंभीर बीमारियां होती है। कोरबा जिला औद्योगिक होने से रासायनिक खादों का प्रभाव और भी बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि गौठानों में बनने वाली जैविक खाद का उपयोग करने वाले किसानों को कृषि एवं उद्यान विभाग से मिलने वाली सब्सिडी आदि का लाभ दिया जाएगा।

कलेक्टर कौशल ने जैविक खेती को बढ़ावा देने और गौठानों में बने वर्मी कम्पोस्ट खाद का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कृषि और उससे जुड़े अन्य विभागों तथा सहकारिता विभाग के मैदानी अमले को नियमित रूप से गांवो का दौरा करने और किसानों को जैविक खाद उपयोग के फायदे तथा शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के भी निर्देश दिए।