दहशत का पर्याय बने तेंदुए ने नंदन वन ले जाते दम तोड़ा

भूखा-प्यासा और घायल था तेंदुआ

गरियाबंद। ओडिशा सीमा से सटे छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के खरहरी गांव में दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिर वन विभाग के कब्जे में आने के बाद दम तोड़ दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार कि भूखे प्यासे इस तेंदुए के पीठ और पैरों में चोट को निशान हैं। नंदन वन में पोस्टमार्टम किया जाएगा इसके बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा।. पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार तेंदुए को वहां जलाया जाएगा.

मिली जानकारी के अनुसार बीते 4 दिन से खरहरी गांव में आतंक मचाने वाला और लोगों पर हमले का प्रयास करने वाला तेंदुआ अंततः पकड़ में आ गया और उसकी स्थिति गंभीर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इसे नंदनवन भेजा जा रहा था। इस दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। आज नंदनवन से पहुंचे विशेषज्ञ डॉक्टर ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर बेहोश किया फिर पिंजरे में डालकर उसकी स्थिति का आकलन किया तब उसकी गंभीर समस्याओं का पता चला था।

प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक तेंदुए के पीठ एवं पीछे के दाएं पैर पर चोट के निशान हैं. जिससे उसका फैक्टर फैक्चर हो गया था. जिसके चलते वह लगातार गांव में आ रहा था. लगातार मवेशियों और इंसानों पर आक्रमण करने का प्रयास कर रहा था. जिससे लोगों में दहशत था।

ज्ञात हो कि कल दोपहर से पिंजरा लगाने के बाद जब देर शाम तक तेंदुआ पिंजरे में नहीं आया तब वन विभाग ने रायपुर के विशेषज्ञों से इस मामले में सलाह ली। जिस पर उच्च अधिकारियों ने नंदनवन से वन्य जीव विशेषज्ञ चिकित्सक रवि वर्मा को ट्रेंकुलाइजर गन के साथ गरियाबंद भेजा जिसके बाद आज सुबह हिंसक तेंदुए को पकड़ने रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया तेंदुआ जिन झाड़ियों में छिपा था। वहां ट्रेंकुलाइज करना संभव नहीं दिख रहा था कुछ देर बाद तेंदुआ निकलकर घरों के आसपास मंडराने लगा तब एक घर की छत पर चढ़कर बेहोशी का इंजेक्शन वाले ट्रेंकुलाइज गन से तेंदुए को निशाना बनाकर बेहोश किया गया.।इसके बाद तेंदुए को तत्काल पिंजड़े में डाला गया और गांव से गरियाबंद लाया गया यहां चिकित्सक ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बताया कि बीते तीन-चार दिनों से भूखा प्यासा नजर आ रहा है।

वहीं चोट के कारण अधिक चल फिर नहीं पा रहा था जिसके चलते वह लगातार गांव पहुंच रहा था गांव में पहुंचकर वह मवेशियों पर लगातार आक्रमण कर रहा था वहीं दूसरी ओर लोगों को भी आक्रमण करने दौड़ा रहा था।