70 की उम्र में 5वीं पास कर सुर्खियों में रहा जशपुर का यह बुजुर्ग अब मांग रहा सपरिवार इच्छामुत्यु

कलेक्टर ने एसडीएम को बनाया जांच अधिकारी

जशपुरनगर। अपनी जिंदगी के 70वें साल मेँ 5वीं की परीक्षा देकर साक्षरता कार्यक्रम में राष्ट्रीय पहचान बनकर मीडिया में सुर्खियों में रहे सरगुजा जशपुर के डोडका चौरा निवासी दसरथ प्रसाद ने परिवार समेत इच्छामृत्यु की अनुमति स्थानीय प्रशासन से मांगी है। उसका कहना है कि जशपुर तहसीलदार ने जिस तरह से धमकी दी है उससे पूरा परिवार सहमा हुआ है। अगर रोजी रोटी ही बंद हो जाएगी तो इससे पहले मौत बेहतर है।

इस संबंध में, कलेक्टर, जशपुर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि किसी भी अधिकारी को ऐसा करने का अधिकार नहीं है। कलेक्टर ने कहा है कि होटल मालिक से ऐसी शिकायत मिली है। इस मामले में जांच दल बैठा दिया गया है जिसका प्रभारी अधिकारी एसडीएम जशपुर को बनाया गया है। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित के विरूद्ध सिविल आचरण संहिता के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी नागरिक के साथ शासकीय अधिकारी कर्मचारी का दुर्व्यवहार उचित नहीं है।

जशपुर के नजदीक ग्राम ड़ोड़काचौरा निवासी दशरथ प्रसाद ने इच्छामृत्यु के लिए दिए गए आवेदन में लिखा है कि वह डोंड़काचौरा का ही मूल निवासी है। परिवार में कुल आठ सदस्य हैं। पूरा परिवार अपनी आजीविका के लिए भोजनालय और अचार कुटीर उद्योग पर आश्रित है। ढाबा संचालक के मुताबिक 13 जनवरी को तहसीलदार अपने दो कर्मचारियों के साथ उसके ढ़ाबे में गए थे और रात 9 बजे भोजन व चाय की मांग की थी। यह ढ़ाबा बंद करने का वक्त था इसलिए ढाबा संचालक ने उन्हें भोजन नहीं दे पाया। जिससे नाराज होकर तहसीलदार ने ढ़ाबा में ताला लगवा देने और फांसी पर लटका देने की धमकी दी। जिसके बाद से पूरा परिवार भयभीत है। यही वजह है कि ढ़ाबा संचालक ने तहसीलदार से ही इच्छामृत्यु की मांग की है।

तहसीलदार ने कहा- मैं यहां का मालिक, फंदे पर लटका दूंगा

ढ़ाबा संचालक दशरथ प्रसाद ने आवेदन में 13 जनवरी की रात की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि रात 9 बजे अपने दो कर्मचारियों के साथ तहसीलदार वहां आए थे। जब भोजन व चाय ढ़ाबे में नहीं मिल पाया तो तहसीलदार के कर्मचारी उसे बुलाकर बाहर ले गए। तहसीलदार ने अपने अधिकार व पहचान बताते हुए ढाबा संचालक को कहा कि मैं यहां का तहसीलदार हूं और इस तहसील का मालिक हूं। जशपुर तहसील की सारी जमीन हमारी है, जिस दिन मैं चाहूं इस भाेजनालय में ताला लगवा दूंगा। सभी प्रकार के अधिकार हमारे पास हैं, चाहे तो मैं फांसी भी दे सकता हूं।

आपके लिए अलग से केबिन की व्यवस्था करूंगा

इच्छामृत्यु के लिए आवदेन देने वाले ढाबा संचालक ने कहा कि तहसीलदार द्वारा जब भोजनालय बंद करवा देने और फांसी दे देने की बात कही गई तो वह अलग से केबिन की व्यवस्था कर उनके लिए भोजन की व्यवस्था कर रहा था। लेकिन तहसीलदार व उसके कर्मचारी नाराज होकर चले गए। ढाबा संचालक ने कहा है कि इससे पहले हमारा भोजनालय बंद हो हमें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। ढाबा संचालक ने आवेदन की प्रतिलिपि राज्यपाल, कलेक्टर, एसपी, प्रभारी मंत्री, नेता प्रतिपक्ष विधानसभा, अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग, मानव अधिकार आयोग को भी दिया है।

संबंधित पोस्ट

हथिनियों की मौत मामले में बलरामपुर डीएफओ हटाए गए,एसडीओ खुटिया भी निलंबित

कोरिया : नाले पर बना दिया गोठान

कोरिया जिले में दलाल सक्रिय, सरपंचों पर बना रहे दबाव- देवेन्द्र तिवारी

छत्तीसगढ़ : जशपुर में बनेगा पुरातात्विक संग्रहालय

सरगुजाः इंक्रीमेट रोके जाने से नाराज, शिक्षकों ने इस तरह जताया विरोध

सरगुजाः भ्रष्टाचार मामले में FIR पर कार्रवाई नहीं, सांसद नेताम ने डीजीपी को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ : कोरिया जिले में दाखिल हुआ टिड्डियों का दल

छग : नकली दरोगा बन हाईवे में वसूली करते दो युवक गिरफ्तार

बस्तर के नारायणपुर में CAF कमांडर की जवानों पर फायरिंग, 2 की मौत, 1 जख्मी

लॉकडाउन से पस्त पान विक्रेता संघ कलेक्टर से मिला, मांगी इजाजत

बस्तरः पुणे से लौटा मजदूर कोरोना संक्रमित, कोविड अस्पताल में भर्ती 

नहीं.., पापा…