राजनांदगांव के मनगटा जंगल में बाघ अभी भी मौजूद

खोज में जूटा वन अमले का दस्ता

राजनांदगांव | राजनांदगांव के मनगटा के जंगल में ग्रामीणों की सुचना के बाद वन परिक्षेत्र अमले ने दूसरे दिन भी बाघ को देखा। रत के समय वन अमले ने जंगलो में भागम भाग करते अपने कैमरे में कैद भी किया। इसी वक्त बाघ की दहाड़ भी सुनाई दी। जिसके बाद राजनांदगांव डीएफओ बी पी सिंह ने बाघ के मूवमेंट की पुष्टि भी की। डीएफओ की माने तो वन अमले के 5 ट्रैकिंग दस्ते के द्वारा बाघ पर निगरानी रखी जा रही है। बाघ के प्रमाणिक तौर पर पॉ के निशान देखे जाने के बाद वन विभाग ने भी इस जंगल में बाघ के होने की पुष्टि कर दिया है। जिसके बाद अस पास के ग्रामीण इलाको में भी मुनादी कर लोगो को सचेत भी किया गया है। साथ ही साथ बाघ के विचरण की सुचना वन परिक्षेत्र अधिकारी दुर्ग ने करीब के ग्राम पंचायतों में कर दिया है और लोगो से कहा है की यदि बाघ दिखाई दें तो जारी किये गए मोबाईल नंबर पर सुचना दें। ताकि लोग शाम होने के बाद घर से न निकले और न ही अपने पालतू मवेशियों को निकलने दें।

बाघ के निकलने से ग्रामीणों में दहशत देखि जा रही है। वन विभाग की कोशिश है की बाघ को ट्रेंक्यूलाइज किया जा सके,जिससे बाघ और आम ग्रामीण दोनों ही सुरक्षित रहे। क्युकी दहशत से ग्रामीण बाघ को मरने की कोशिश भी कर सकते है। यही कारण है की बाघ की जान को बचाने के लिए पिंजरे भी लगाए हैं।

राजनंदगाव मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर मनगटा में शासन द्वारा वन चेतना केंद्र बनाया गया है। जिसे पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया है। ये क्षेत्र लगभग पौने चार सौ हेक्टेयर में फैला हुआ है। जिसमे वन्य प्राणियों की अच्छी तादाद है। जंगल में विभिन्न प्रकार के जंतु जानवर भी उपलब्ध है। खासकर नये साल को देखते हुए पर्यटकों ने भी भ्रमण के लिए ऑनलाइन बुकिंग करवाई थी। जिसे वर्तमान में रद्द कर दिया गया है। बाघ की वजह से पर्यटकों के लिए ये क्षेत्र को बंद कर दिया गया है। बाघ को पकड़ने के बाद ही वन चेतना केंद्र को पर्यटकों के लिए दुबारा खोला जायेगा।